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रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर
फतेहपुर। शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वाहन चालकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान के दौरान चालान की कार्रवाई तो तेजी से की जा रही है, लेकिन जिन स्थानों पर सड़क किनारे वाहन खड़े कर सवारियां भरने से यातायात प्रभावित होता है, वहां अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं देती ।
शहर के ज्वालागंज चौराहे पर स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे कई वाहन काफी देर तक खड़े रहते हैं और सवारियां भरते हैं।
इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ जाम की स्थिति भी बनती है। लोगों का आरोप है कि कई बार यातायात व्यवस्था बिगड़ने के बावजूद जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर मौजूद होकर भी प्रभावी कार्रवाई नहीं करते। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जब किसी अधिकारी का काफिला या वाहन वहां से गुजरता है तो यातायात व्यवस्था को लेकर अचानक सक्रियता दिखाई देती है। वहीं आम लोगों का कहना है कि रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को चेकिंग और चालान का सामना करना पड़ता है।
चलती गाड़ी का चालान’ बना चर्चा का विषय
कुछ वाहन चालकों का आरोप है कि चलते वाहनों के चालान बनाए जा रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है।
हालांकि, किसी भी चालान की वैधता और उसकी परिस्थितियों की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही की जा सकती है।
ऐसे में लोगों की मांग है कि यदि चालान नियमों के उल्लंघन पर किए जा रहे हैं तो कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी हो और वाहन चालकों को नियमों की स्पष्ट जानकारी भी दी जाए। दूसरी ओर, सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े करके सवारी भरने वालों पर भी समान रूप से कार्रवाई की जाए, ताकि यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके।
जाम के समय जिम्मेदारी कौन निभाएगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी चौराहे पर अवैध पार्किंग, सवारी भरने और सड़क पर वाहनों के रुकने से जाम की स्थिति बन रही है, तो उसे हटाने की जिम्मेदारी किसकी है। जनता का कहना है कि केवल चालान काटने से यातायात व्यवस्था बेहतर नहीं होगी। जरूरी है कि ट्रैफिक पुलिस जाम वाले स्थानों पर लगातार निगरानी करे, अवैध पार्किंग हटवाए, सड़क पर सवारी भरने वाले वाहनों पर कार्रवाई करे और पीक आवर्स में यातायात को व्यवस्थित कराए।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक से जनता की उम्मीद
फतेहपुर की जनता ने पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक से मांग की है कि इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर ज्वालागंज चौराहे समेत शहर के प्रमुख चौराहों की यातायात व्यवस्था की समीक्षा कराई जाए।
लोगों का कहना है कि कानून का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि कोई वाहन नियम तोड़ता है तो उसका चालान होना चाहिए, लेकिन सड़क किनारे अवैध पार्किंग और यातायात बाधित करने वाले वाहनों पर भी उसी गंभीरता से कार्रवाई जरूरी है।
जनता के सवाल क्या ज्वालागंज चौराहे, देवीगंज, बाकर गंज, पत्थर कटा, पटेल नगर, हरिहर गंज, लखनऊ बाईपास पर सड़क किनारे खड़े होकर सवारी भरने वाले वाहनों पर नियमित कार्रवाई होती है?
जाम की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस की प्रभावी तैनाती क्यों नहीं दिखाई देती?
क्या चालान की कार्रवाई के साथ यातायात व्यवस्था सुधारने पर भी उतना ही ध्यान दिया जा रहा है?
क्या आम वाहन चालक और सड़क पर यातायात बाधित करने वाले वाहनों के लिए समान नियम लागू हैं?
क्या एसपी स्तर से ज्वालागंज चौराहे की यातायात व्यवस्था की समीक्षा कराई जाएगी?
खबरों की झलक का सवाल सीधा है
जनता को नियमों का पालन भी करना है और यातायात व्यवस्था भी सुचारु चाहिए। ऐसे में कार्रवाई केवल चालान तक सीमित न रहकर जाम और अवैध पार्किंग की समस्या के समाधान तक भी पहुंचनी चाहिए।

