रिपोर्ट कृष्णानंद वर्मा एमडी न्यूज़ चैनल

बाराबंकी। तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के ग्राम पूरे अमेठिया निवासी सामाजिक कार्यकर्ता, रक्त मित्र एवं पत्रकार आशीष सिंह के पूज्य पिता ब्रजराज सिंह का ब्रेन हैमरेज के चलते उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पत्रकारिता जगत, सामाजिक क्षेत्र और परिचितों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्रजराज सिंह को ब्रेन हैमरेज होने के बाद उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लखनऊ में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान 30 अगस्त को उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।आपको बता दे कि ब्रजराज सिंह सामाजिक जागरूकता को लेकर भी काफी संवेदनशील थे। उन्होंने नेत्रदान का संकल्प लिया हुआ था और इसके लिए केजीएमयू मेडिकल कॉलेज, लखनऊ में बाकायदा अपना पंजीकरण भी कराया था। बताया जाता है कि लखनऊ पुलिस मित्र परिवार से जुड़े जितेंद्र सिंह के माध्यम से रक्त मित्र एवं पत्रकार आशीष सिंह ने अपने पिता ब्रजराज सिंह को नेत्रदान के लिए संकल्प दिलाया था।ब्रजराज सिंह के निधन के बाद परिजनों की ओर से उनके नेत्रदान के संकल्प की जानकारी केजीएमयू, लखनऊ की टीम को दी गई। सूचना मिलने पर केजीएमयू की टीम डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंची और आवश्यक परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की। हालांकि चिकित्सकीय परीक्षण में नेत्रदान के लिए आवश्यक मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर नेत्रदान की प्रकिया संपन्न नहीं हो सकी। इसके बावजूद केजीएमयू की टीम ने नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए ब्रजराज सिंह की जागरूकता और सामाजिक सोच की सराहना की तथा उनके इस मानवीय संकल्प के लिए परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। ब्रजराज सिंह का यह संकल्प भले ही चिकित्सकीय कारणों से नेत्रदान में परिवर्तित नहीं हो सका, लेकिन समाज के प्रति उनकी जागरूकता और दूसरों के जीवन में योगदान देने की भावना निश्चित रूप से प्रेरणादायी रही। बता दे कि आशीष सिंह पत्रकारिता के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी निरंतर सक्रिय रहते हैं। वह रक्त मित्र के रूप में जरूरतमंद लोगों को रक्त उपलब्ध कराने तथा सामाजिक सेवा के विभिन्न कार्यों में अपनी भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में उनके पिता के निधन की खबर सामने आने के बाद पत्रकार साथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।परिजनों के लिए यह क्षति बेहद अपूरणीय है। पिता के निधन से परिवार ने अपना मार्गदर्शक, स्नेह का आधार और जीवन का एक महत्वपूर्ण सहारा खो दिया है। परिजनों का कहना है कि पूज्य पिता जी भले ही अब उनके बीच सशरीर मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा दिए गए संस्कार, स्नेह, आशीर्वाद और उनकी स्मृतियां सदैव परिवार के साथ जीवित रहेंगी।दिवंगत ब्रजराज सिंह की सामाजिक जागरूकता और नेत्रदान के संकल्प को भी लोग उनके जीवन की एक प्रेरणादायी पहल के रूप में याद कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि उनका यह संकल्प समाज में नेत्रदान और मानव सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश देता है। रिपोर्टर कृष्णानंद वर्मा
