बुढ़ाना, मुज़फ्फरनगर
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव जौला निवासी आसिफ अहमद पुत्र शौकत अहमद को लेकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन की फोटो वायरल होने के मामले में नया मोड़ सामने आया है।
आसिफ पक्ष के अनुसार, यह फोटो वर्ष 2022 की है, जिसे उनकी पत्नी द्वारा गलती से व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया गया था और करीब 3 मिनट बाद हटा दिया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद किसी व्यक्ति ने फोटो सुरक्षित कर ली और अब वर्षों बाद उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।


बताया गया कि फोटो को लेकर कुछ सोशल मीडिया/न्यूज़ प्लेटफॉर्म पर इसे अवैध हथियार के प्रदर्शन से जोड़कर खबर प्रसारित की गई। बाद में संबंधित खबर में ही यह स्पष्टीकरण सामने आया कि फोटो में दिखाई दे रही बंदूक डमी/एयर गन है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर मेले में निशानेबाजी अथवा बंदरों आदि को भगाने के लिए किया जाता है।


आसिफ का कहना है कि उनके पास उक्त डमी गन का बिल भी मौजूद है और इसी आधार पर वह अपनी छवि खराब होने का आरोप लगाते हुए शिकायत लेकर थाना बुढ़ाना पहुंचे।


घण्टों थाने में बैठाने का आरोप


आसिफ पक्ष का आरोप है कि वह शाम करीब 5 बजे से थाना बुढ़ाना में मौजूद हैं, लेकिन देर रात तक पुलिस द्वारा उन्हें थाने में बैठाए रखा गया और मामले में पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
वहीं, पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि फोटो में दिखाई दे रही वस्तु वास्तव में डमी/एयर गन है और इसका बिल भी प्रस्तुत किया गया है, तो शिकायतकर्ता की सुनवाई और कार्रवाई की स्थिति क्या है?


फिलहाल पुलिस की ओर से इस पूरे मामले में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि फोटो में दिखाई दे रही वस्तु क्या है और वायरल पोस्ट/खबर के संबंध में किसकी जिम्मेदारी बनती है।
सवाल यह भी—पुरानी फोटो को संदर्भ से हटाकर प्रसारित करने से किसी व्यक्ति की सामाजिक छवि प्रभावित होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?


MD NEWS बहुआयामी समाचार मामले में पुलिस के आधिकारिक बयान और आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

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