
थाना प्रभारी राजू सिंह बने नवजात के लिए देवदूत, खेत में फेंके मासूम की बचाई जान
रोहनिया पुलिस की तत्परता से नवजात को मिला नया जीवन, अस्पताल में कराया भर्ती; मानवीय पहल की क्षेत्र में हो रही सराहना

वाराणसी। रोहनिया थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई, जहां जन्म के कुछ ही घंटे बाद एक नवजात शिशु को कथित तौर पर खेत में लावारिस हालत में फेंक दिया गया। ठंड और असहाय अवस्था में जिंदगी-मौत से जूझ रहे मासूम के लिए रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह देवदूत बनकर पहुंचे और तत्काल अस्पताल में भर्ती कराकर उसकी जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि एक नवजात शिशु खेत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजू सिंह पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए नवजात को सुरक्षित बाहर निकलवाया और उपचार के लिए पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने तत्काल नवजात का उपचार शुरू किया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस की तत्परता से मासूम को नया जीवन मिलने पर क्षेत्रीय लोगों ने थाना प्रभारी राजू सिंह और उनकी टीम की सराहना की।
खाकी के मानवीय चेहरे की मिसाल
थाना प्रभारी राजू सिंह की इस पहल ने पुलिस के मानवीय और संवेदनशील चेहरे को भी सामने रखा है। आमतौर पर पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जोड़ी जाती है, लेकिन इस घटना में पुलिस ने एक असहाय नवजात के लिए तत्काल मददगार बनकर मिसाल पेश की।
वहीं, नवजात को खेत में छोड़ने वाले परिजनों की करतूत को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जिस मासूम को अपनों ने मौत के मुंह में छोड़ दिया, उसे पुलिस की संवेदनशीलता ने जीवन का अवसर दिया।
‘जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय’—यह कहावत इस घटना पर पूरी तरह चरितार्थ होती दिखाई दी। राजू सिंह की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता ने न सिर्फ एक मासूम की जान बचाई, बल्कि खाकी के प्रति लोगों के विश्वास को भी मजबूत किया है।

