संवादाता—-सलीम जावेद, सहायक ब्यूरो वाराणसी
वाराणसी। माहे रबीउल आखिर 1448 हिजरी का चांद शनिवार 12 सितंबर 2026 को नजर नहीं आया। इसकी पुष्टि मरकजी रुइयते हिलाल कमेटी अहले सुन्नत, बनारस ने की है।
कमेटी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शनिवार को 29 रबीउल अव्वल को चांद देखने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन बनारस व आसपास कहीं से भी चांद दिखने की सूचना नहीं मिली।
फैसले के मुताबिक, रविवार 13 सितंबर 2026 को रबीउल अव्वल की 30 तारीख होगी और सोमवार 14 सितंबर 2026 से माहे रबीउल आखिर की पहली तारीख शुरू होगी।
इसी हिसाब से ग्यारहवीं शरीफ (रबीउल आखिर की 11 तारीख) गुरुवार 24 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी।
कमेटी ने यह भी कहा है कि अगर 29 तारीख की शरई रुइयत का सुबूत कहीं से मिलता है तो दोबारा ऐलान किया जाएगा। यह ऐलान बनारस व मुजाफात-ए-बनारस के लिए है।
यह सूचना मरकजी दारुल-इफ्ता जमाअत रजा-ए-मुस्तफा, बनारस की ओर से काजी-ए-शहर एवं खलीफा-ए-ताजुश्शरिया हजरत मौलाना जमील अहमद कादरी रजवी के कार्यालय से जारी की गई है।

