
गौरीगंज, वाराणसी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बज़्मे रबीउल नूर जश्न-ए-मुजाहिदे मिल्लत का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम अंजुमन तब्लीग़े अहले सुन्नत व दावते नमाज़, गौरीगंज वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित किया गया है।
दिनांक 18 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे जलसे का शुभारंभ हुआ। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम दो दिवसीय है, जिसका समापन 19 सितंबर 2026 की रात होगा। जलसे का आयोजन रात करीब 10 बजे से शुरू होकर फजिर की अज़ान से पहले तक जारी रहेगा।
इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम में हिन्दुस्तान के विभिन्न स्थानों से मशहूर उलेमा-ए-किराम और शायर-ए-इस्लाम शिरकत कर रहे हैं। कार्यक्रम में उलेमा द्वारा तकरीर और शायरों द्वारा नातिया कलाम पेश किए जा रहे हैं।
जलसे में शिरकत करने वाले उलेमा व शायर
जमील अहमद कादरी
क़ाज़ी-ए-शरीयत कारी रज़वी
मुज़फ्फर हुसैन
फ़रीद-उर-रज़ा
मसीह-उद-दीन मुसहमती साहब
मुहम्मद ख़ालिद अयूब
गुलाम मुस्तफा
शकील अहमद साहब
साहिब-ए-क़िबला सबाही
साहिब-ए-क़िबला जाइबी
नदीम रज़ा फ़ैफ़ी
अज़मत रज़ा अरक़म बनारी
शहाब-उद-दीन
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजकों की ओर से जलसे में आने वाले लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
इस कार्यक्रम के आयोजक हाफ़िज़ शाहनवाज़ हैं, जबकि सचिव श्री हाजी गुलाम गौस रज़वी हैं।
आयोजकों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर जलसे में शिरकत करने और उलेमा-ए-किराम की तकरीर तथा शायरों के कलाम से लाभान्वित होने की अपील की है।
