कभी सोचा है एक इलेक्ट्रिक मोटर कितनी छोटी हो सकती है? इतनी छोटी के उसे आंखों से देखना तो दूर उंगलियों से पकड़ पाना भी संभव नहीं वैज्ञानिकों ने ऐसा इलेक्ट्रिक मोटर बनाया जिसका आकार सिर्फ1 नैनोमीटर यानी मीटर का एक अरबवाँ हिस्सा! इस मोटर की हैरान करने वाली बात इसका आकार ही नहीं बल्कि इसकी बनावट है। ये कोई छोटी मशीन नहीं जिसमें तार, कॉइल, धातु के पुर्जे लगे हों बल्कि ये एक अणु के स्तर पे काम करने वाली मोटर है। इसे वैज्ञानिकों ने Butyl Methyl नाम के अणु से बनाया व विद्युत ऊर्जा की मदद से इसके एक हिस्से को घुमाया गया।
इंसान के बाल की मोटाई लगभग 60000 नैनोमीटर होसकती है यानी जिस मोटर की हम बात कर रहे हैं वह बाल की मोटाई से भी लगभग 60,000 गुना छोटी है। ये वजह है इसे सामान्य कैमरे से हाथ में पकड़े देखना संभव नहीं। वैज्ञानिकों को इसे देखने व नियंत्रित करने के लिए बेहद शक्तिशाली वैज्ञानिक उप करणों की जरूरत पड़ती है इतनी छोटी मोटर बनाने काअसली उद्देश्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाना ना था वैज्ञानिक ये समझना चाहते थे क्या इंसान अणु के स्तर पे भी मशीनें बना और नियंत्रित कर सकता है,भविष्य में ऐसी नैनो-मशीनें छोटे सेंसर वैज्ञानिक उप करणों और कुछ चिकित्सा तकनीकों में उपयोगी हो सकती है
आज हम जिन मोटरों को मशीनों, कारों और रोबोट में देखते हैं उनका आकार भले ही बड़ा हो लेकिन वैज्ञानिकों ने उसी मोटर की अवधारणा को अकेले अणु के स्तर तक छोटा करके दिखा दिया और सबसे दिलचस्प सवाल यही अगर इंसान एक ऐसी मशीन बना सकता है जिसे एक अरबवें मीटर के पैमाने पे काम कराया जा सकता है तो आने वाले समय में विज्ञान इससे भी छोटी और ज्यादा जटिल मशीनें बना पाएगा।

