MD न्यूज़जिला महाराजगंजरिपोर्टर स्वामीनाथ कुमार बहुआयामी समाचार
लगातार बारिश से तैयार धान की फसल प्रभावित, किसानों ने सर्वे और सहायता की मांग उठाईमहराजगंज, 26 सितंबर 2026। समय करीब शाम 5:00 बजे। जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों पर साफ दिखाई देने लगा है। ग्राम सभा बिशनपुर अदरौना में लगातार बारिश के चलते धान की तैयार फसल खेतों में गिरकर बिछ गई है। खेतों में दूर तक गिरी हुई फसल देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।बताया जा रहा है कि बारिश के कारण धान के पौधे खेतों में जमीन पर गिर गए हैं। तस्वीर में भी बड़े क्षेत्र में धान की फसल बिछी हुई दिखाई दे रही है। फसल तैयार होने के समय इस तरह लगातार बारिश होने से किसानों के सामने अब फसल को सुरक्षित रखने और समय पर कटाई करने की चुनौती खड़ी हो गई है।महीनों की मेहनत पर बारिश का असरकिसानों के लिए धान की फसल केवल खेत की उपज नहीं, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक जरूरतों से जुड़ी होती है। फसल तैयार करने में किसानों को बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी सहित कई तरह के खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे समय में लगातार बारिश से फसल जमीन पर गिरने से किसानों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है।खेतों में गिरी फसल के कारण कटाई के दौरान किसानों को अतिरिक्त मेहनत और मजदूरी करनी पड़ सकती है। यदि मौसम लगातार खराब रहा और खेतों में नमी बनी रही तो किसानों के सामने फसल को समय से संभालने की समस्या और बढ़ सकती है।किसानों ने प्रशासन से लगाई गुहारग्रामीणों की मांग है कि संबंधित कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर खेतों की स्थिति का जायजा लें तथा बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वे कराएं। किसानों का कहना है कि वास्तविक नुकसान का आकलन होने के बाद शासन की ओर से लागू नियमों के अनुसार पात्र किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।किसानों का कहना है कि फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत मौसम साफ होने की है, ताकि खेतों में गिरी फसल को जल्द से जल्द संभाला जा सके और नुकसान को आगे बढ़ने से रोका जा सके।गांव में बारिश से फसलों को लेकर चिंतबिशनपुर अदरौना में लगातार बारिश के बीच किसान अपने खेतों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तैयार धान की फसल के इस तरह गिर जाने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश जल्द थमेगी और उन्हें अपनी फसल बचाने का मौका मिलेगा।अब किसानों की निगाह मौसम के साथ-साथ कृषि विभाग और प्रशासन की ओर से होने वाले निरीक्षण एवं सर्वे पर टिकी हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित खेतों की स्थिति को गंभीरता से देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं।MD न्यूज़ — जनता की आवाज, गांव की सच्चाई।
रिपोर्ट: स्वामीनाथ कुमार, MD न्यूज़, महाराजगंज

