
गोंडा गौरा छपिया के मदनापुर में सुमेरपुर निवासी भोला पांडे को गोली मारने के मामले में पीड़ित की हालत लखनऊ के लोहिया अस्पताल में अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। भोला पांडेय को पहले CHC छपिया, फिर जिला अस्पताल गोंडा ले जाया गया था, जहां से डॉक्टरों ने हाथ खड़ा कर लखनऊ रेफर कर दिया था।
FIR के बाद भी गिरफ्तारी नहीं, ग्रामीणों में उबाल
इस सनसनीखेज मामले में छपिया थाने में FIR No. 0376/2026 BNS की संगीन धाराओं 109(1), 352, 351(3), 3(5) में अभिषेक राणा, विवेक मोदनवाल, शशांक पांडेय और अज्ञात पर केस दर्ज हो चुका है।
लेकिन FIR दर्ज होने के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है।
शासन-सत्ताधारी के संरक्षण का आरोप
ग्रामीणों का खुला आरोप है कि मुख्य आरोपी अभिषेक राणा हिस्ट्रीशीटर है, जो 4 दिन पहले ही हत्या के मुकदमे में जमानत पर बाहर आया है। ग्रामीणों का कहना है कि –
“मुख्य आरोपी को शासन में बैठे सत्ताधारियों का खुला संरक्षण प्राप्त है। इसीलिए पुलिस जानबूझकर ढिलाई बरत रही है। सत्ता के रसूख के आगे पुलिस के हाथ-पैर बंधे हुए हैं। अगर आरोपी आम आदमी होता तो अब तक जेल में होता।”
गांव में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे और उच्च अधिकारियों तक शिकायत ले जाएंगे।
