
बेटियां सिर्फ सपने नहीं देखतीं, मौका मिले तो जिम्मेदारी भी बखूबी निभाती हैं।
हरदोई में मिशन शक्ति 6.0 के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सुरसा की छात्राओं ने प्रशासनिक नेतृत्व का अनुभव हासिल किया। कक्षा आठ की ज्योति एक दिन की प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनीं, जबकि वंशिका ने मुख्य विकास अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई। दोनों को अधिकारियों के साथ कामकाज समझने और जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं सुनने का अवसर मिला।जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने ज्योति को प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण की जानकारी दी। वहीं, सीडीओ नेहा ब्याडवाल ने वंशिका को विकास योजनाओं और जनसुनवाई की प्रक्रिया समझाई। इस दौरान वंशिका के सामने एक महिला अपने पूर्ण दिव्यांग बेटे लंकेश के लिए आवास की मांग लेकर पहुंची। छात्रा ने मामले को गंभीरता से सुना। सीडीओ ने संबंधित अधिकारी को परिवार की पात्रता के अनुसार आवास उपलब्ध कराने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।यह सिर्फ एक दिन की कुर्सी नहीं, बेटियों के बड़े सपनों को उड़ान देने की पहल है। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और नेतृत्व के गुण विकसित करना है। इस अवसर पर बीएसए प्रभात मिश्रा समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट पुनीत शुक्ला
