
एम डी न्यूज बहुआयामी समाचार
बलरामपुर चीनी मिल्स लि., यूनिट-रौजागांव द्वारा सघन गन्ना विकास योजनान्तर्गत मिल क्षेत्र के ग्राम -मेडुवा में शरदकालीन गन्ना बुवाई को प्रोत्साहित करने एवं किसानों की आय बढ़ाने हेतु गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर चीनी मिल के महा प्रबन्धक गन्ना, बृजपाल सिंह ने अधिक से अधिक क्षेत्रफल में उन्नतशील गन्ना किस्मों को. 0118, 98014, को.लख. 14201, 16202 एवं को.शा. 13235 की ट्रेंच विधि से करने के साथ गन्ने की दो पंक्तियों के बीच रिक्त स्थानों में सहफसल जैसे- आलू, मटर, सरसों, मसूर इत्यादि की खेती करके अतिरिक्त लाभ कमायें।
गन्ना किसान संस्थान लखनऊ से आए अरुण कुमार ने बताया कि शरद्कालीन गन्ने में लगभग 25 प्रतिशत अधिक उपज प्राप्त होती है, जमाव प्रतिशत भी बढ़ता है। शरदकालीन गन्ने में अर्ली शूट बोरर का प्रकोप नहीं होता है। शरद्कालीन गन्ने की आपूर्ति पेड़ी गन्ने के साथ चीनी मिल के आरम्भ में ही की जाती है। उन्होंने कार्बनिक खाद, जैव उर्वरकों का प्रयोग, मृदा परीक्षण तथा संतुलित पोषण प्रबंध के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ दीपशिखा ने बताया कि कम लागत में अधिक उपज देने वाली दो नई अगेती गन्ना किस्में स्वीकृत हुई हैं, कोशा 23232, और कोलख 21201 जिनकी पैदावार को 0238 से भी अधिक ली जा सकती है। उन्होंने किसानों से नवीन किस्मों की बुवाई, संतुलित खाद-उर्वरक का प्रयोग, कीट-बीमारी से फसल की सुरक्षा एवं गन्ना पेड़ी प्रबंधन आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
सचिव डॉ जनार्दन सिंह ने किसानों को गन्ना विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा गन्ना आपूर्ति एवं पर्ची संबंधी जानकारी देते हुए किसानों से इनका लाभ लेने का अनुरोध किया।
संगोष्ठी में चीनी मिल रौज़ागांव के सहायक गन्ना प्रबंधक डी के सिंह, गन्ना पर्यवेक्षक मातादीन एवं मदन चौरसिया सहित सैकड़ों की संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।
