
नवरात्रि पर सृजन शाखा की अनूठी पहल, जरूरतमंद बेटी को ई-रिक्शा ठेला देकर बनाया आत्मनिर्भर
मां-बेटी मिलकर चलाएंगी खाद्य व्यवसाय, चार वर्षों से सेवा के जरिए संवार रही जरूरतमंदों की जिंदगी
वाराणसी। नवरात्रि और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद की सृजन शाखा ने सेवा और आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल पेश की। सोमवार को सिगरा स्थित रुद्राक्ष के पास शाखा की ओर से एक जरूरतमंद बालिका को ई-रिक्शा आधारित खाद्य ठेला प्रदान कर रोजगार से जोड़ा गया। अब बालिका अपनी मां के साथ मिलकर खाद्य व्यवसाय संचालित करेगी। इसके लिए शाखा ने उचित स्थान की व्यवस्था भी कराई है।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय गतिविधि संयोजक (महिला सहभागिता) श्रद्धा अग्रवाल, प्रांतीय अध्यक्ष हरविंदर वालिया, प्रांतीय महासचिव डॉ. सचिन अग्रवाल, शाखा अध्यक्ष शशि श्रीवास्तव, संरक्षक ज्ञानेंद्र बहादुर, सचिव डॉ. रमा सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। प्रांतीय महासचिव डॉ. सचिन अग्रवाल ने बालिका को 1100 रुपये की आशीर्वाद राशि प्रदान की। इस पहल की व्यवस्था और संचालन की देखरेख की जिम्मेदारी डॉ. रमा सिंह और नवीन सिंह को सौंपी गई।
सृजन शाखा पिछले चार वर्षों से सेवा कार्यों के माध्यम से जरूरतमंदों को सहायता देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। पहले वर्ष आश्रम में वाटर कूलर लगवाया गया, दूसरे वर्ष बेघर महिला के लिए कमरे का निर्माण कराया गया, जबकि तीसरे वर्ष एक बुजुर्ग महिला को दीपों का स्टॉल लगवाकर रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसी कड़ी में इस वर्ष जरूरतमंद बालिका को खाद्य व्यवसाय से जोड़ने की पहल की गई है।
शाखा का मानना है कि सच्ची सेवा केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर उपलब्ध कराना ही सेवा का वास्तविक उद्देश्य है।
