रिपोर्ट शाहनूर आलम प्रयागराज मंडल सहायक ब्यूरो प्रमुख
MD NEWS बहुआयामी समाचार

शुरुआत हर किसी की एक नए पत्रकार से होती है, जो कभी किसी अधिकारी से सवाल पूछने में झिझकता है।
कभी खबर की पुष्टि करने के लिए इधर-उधर भटकता है और कभी अपनी कलम से समाज की समस्याओं को आवाज़ देने की कोशिश करता है।
जिस पत्रकार को आज अपनी बेबाक लेखनी, निष्पक्ष खबरों और जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए सम्मान मिलता है, कभी वह भी किसी वरिष्ठ पत्रकार के साथ रहकर खबर लिखना सीखता था। उसने भी गलतियाँ की होंगी, संपादन में सुधार सुने होंगे, खबरों के लिए संघर्ष किया होगा और अपनी पहचान बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना किया होगा।
याद रखिए, नया पत्रकार होना कमजोरी नहीं, सीखने की पहली सीढ़ी है। पत्रकार की पहचान उसके बड़े संस्थान, महंगे कैमरे, बड़े पद या नाम के आगे लगे तमगों से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, निष्पक्षता, ईमानदारी, मेहनत और जनहित के प्रति उसकी जिम्मेदारी से होती है।
पत्रकारिता में असली बड़ा वह नहीं, जिसके पास बड़ा मीडिया हाउस हो या जिसकी खबर पर बड़े-बड़े लोग प्रतिक्रिया दें, बल्कि वह है जो गरीब, मजलूम और पीड़ित की आवाज़ बने, सत्ता से सवाल पूछने का साहस रखे और समाज के उन मुद्दों को सामने लाए, जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
क्योंकि माइक पकड़ना, कैमरे के सामने बोलना और खबर प्रकाशित करना आसान है, लेकिन पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखना ही असली पत्रकारिता है।
यह भी याद रखिए कि पत्रकारिता किसी बड़े संस्थान की जागीर नहीं और न ही किसी छोटे अखबार, साप्ताहिक पत्रिका वेब पोर्टल या स्वतंत्र पत्रकार की मेहनत कमतर है। पत्रकार की असली ताकत उसका सच, उसकी विश्वसनीयता और उसका निष्पक्ष नजरिया है।
हर अनुभवी पत्रकार कभी नया था, और हर नए पत्रकार के भीतर एक बेहतर पत्रकार बनने की संभावना छिपी है। बस सीखना मत छोड़िए, सवाल पूछने से मत डरिए, सच लिखने से पीछे मत हटिए और अपनी कलम को किसी के दबाव, लालच या निजी स्वार्थ के आगे झुकने मत दीजिए।
क्योंकि पत्रकारिता केवल खबर छापने का नाम नहीं, बल्कि सच के साथ खड़े रहने की जिम्मेदारी है।
पत्रकार छोटा या बड़ा नहीं होता, उसकी सोच, उसकी नीयत और जनता के प्रति उसकी जवाबदेही उसे बड़ा बनाती है।
