करीब 30 लाख रुपये कीमत का गांजा बरामद, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हुंडई वर्ना कार भी पुलिस ने कब्जे में ली

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जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख – रोहित जैन (दभेड़ी वाले)
जनपद मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

बुढ़ाना जनपद मुज़फ्फरनगर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुढ़ाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने “नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” संदेश के साथ संचालित ऑपरेशन सवेरा के अंतर्गत अंतरजनपदीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 65 किलो 970 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक हुंडई वर्ना कार भी बरामद की गई है।

चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों आरोपी

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को थाना बुढ़ाना पुलिस टीम खतौली-बुढ़ाना मार्ग पर बसी गेट के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक हुंडई वर्ना कार आती दिखाई दी। चेकिंग के लिए कार को रोकने का प्रयास किया गया तो उसमें सवार लोगों ने पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश की।

पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए दोनों कार सवारों को भागने का मौका दिए बिना पकड़ लिया। नियमानुसार कार और आरोपियों की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखा गया 65 किलो 970 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निम्न प्रकार हुई है—

अभिषेक पुत्र जितेंद्र, निवासी गंगा मंदिर के पास, हरथल, थाना सिविल लाइन, जनपद मुरादाबाद। मूल निवासी ग्राम सुन्ना, थाना कांधला, जनपद बागपत।
प्रेम सिंह पुत्र श्यौनाथ सिंह, निवासी ग्राम कुचावली, थाना छजलैट, जनपद मुरादाबाद।

30 लाख का गांजा और तस्करी में प्रयुक्त कार बरामद

बुढ़ाना पुलिस की इस कार्रवाई में बरामदगी का विवरण इस प्रकार है—

65 किलो 970 ग्राम अवैध गांजा।
बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये।
तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक हुंडई वर्ना कार।

पुलिस ने इस मामले में थाना बुढ़ाना पर मु0अ0सं0 469/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर महंगे दामों में बेचने का आरोप

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मुरादाबाद निवासी एक अज्ञात महिला से कथित रूप से सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर लाते थे और विभिन्न जनपदों में ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध आर्थिक लाभ कमाते थे।

पुलिस अब इस कथित तस्करी नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों यानी फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं और मादक पदार्थों की आपूर्ति किन स्थानों से की जा रही थी।

प्रेम सिंह का पूर्व आपराधिक मामला भी सामने आया

पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अभिषेक के खिलाफ इस मामले में दर्ज अभियोग का उल्लेख किया गया है। वहीं, प्रेम सिंह के संबंध में थाना बुढ़ाना के वर्तमान अभियोग के अतिरिक्त थाना फतेहगंज, वेस्ट बरेली में वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/20/29/60 के अंतर्गत दर्ज एक अन्य मुकदमे का भी उल्लेख है। पुलिस आरोपियों के विस्तृत आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के पर्यवेक्षण में की गई। अभियान में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह तथा थाना प्रभारी बुढ़ाना सुभाष अत्री के नेतृत्व में पुलिस टीम शामिल रही।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम

प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री
उपनिरीक्षक रविकांत
उपनिरीक्षक आशीष चौधरी
हेड कांस्टेबल सुनील कुमार
हेड कांस्टेबल निवेश कुमार
हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह
हेड कांस्टेबल अमरदीप सिरोही
हेड कांस्टेबल नकुल सांगवान
हेड कांस्टेबल अमित तेवतिया
हेड कांस्टेबल संजय कुमार
हेड कांस्टेबल अमित कुमार
हेड कांस्टेबल महेंद्र कुमार
कांस्टेबल परमजीत सिंह

नशे के खिलाफ अभियान से तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा

ऑपरेशन सवेरा के अंतर्गत की गई इस कार्रवाई को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। करीब 30 लाख रुपये कीमत के गांजे की बरामदगी और तस्करी में प्रयुक्त कार को कब्जे में लेना इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। अब पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र तस्करी के स्रोत, खरीद-बिक्री के नेटवर्क और इसमें कथित रूप से शामिल अन्य लोगों तक पहुंचना है।

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