रिपोर्ट,-विजय कुमार
निघासन / लखीमपुर खीरी। शनिवार को भीरा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। हादसे में जान गंवाने वाली क्रांति और रामजीवन के शव जब निघासन कस्बे के चंद्रगुप्त नगर स्थित उनके घर पहुंचे तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

अपनों के बिछड़ने का दर्द ऐसा था कि आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। देखते ही देखते पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। एक साथ दो अर्थियां उठीं तो हर आंख छलक पड़ी और गांव में मातम छा गया। गम का आलम यह रहा कि कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

इस हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाली प्रियंका का भी उसके गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। तीन मौतों से जुड़े इस हादसे ने कई परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। जिन घरों में रोजमर्रा की जिंदगी की रौनक थी, वहां अब अपनों की यादें और सिसकियां रह गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, क्रांति और प्रियंका भीरा स्थित वन बीट कॉलेज में मेडिकल की छात्राएं थीं। दोनों अपने रिश्तेदार रामजीवन के साथ बाइक से घर लौट रही थीं। इसी दौरान भीरा में रपटा पुल के पास शनिवार को उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना इतनी दुखद साबित हुई कि तीनों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
हादसे की खबर मिलते ही परिजनों और परिचितों में कोहराम मच गया। घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों को जब अपनों की मौत की सूचना मिली तो खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। क्रांति और रामजीवन के शव घर पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। गमगीन माहौल में दोनों की अंतिम यात्रा निकली तो हर तरफ सन्नाटा और दुख दिखाई दिया। सड़क हादसे में तीन जिंदगियों का इस तरह खत्म हो जाना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की अहमियत को सामने लाता है। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने निघासन समेत संबंधित गांवों में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
