संघर्ष, मेहनत और लगन से हासिल की दोहरी सफलता, अभिषेक ने बढ़ाया कुशीनगर का मान; माता-पिता, मामा और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
राष्ट्रीय ब्यूरो/एमडी न्यूज़
कुशीनगर। कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और मंजिल पाने का जुनून हो, तो गरीबी भी सफलता की राह नहीं रोक सकती। इस कहावत को सच कर दिखाया है कुशीनगर जनपद के ग्राम नन्दलाल छापर, पोस्ट खेसिया निवासी 19 वर्षीय अभिषेक कसौधन ने। परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के बीच पढ़ाई जारी रखते हुए अभिषेक ने महज 19 वर्ष की उम्र में दो बड़ी सफलताएं हासिल कर अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका चयन होमगार्ड और उत्तर प्रदेश पुलिस, दोनों में हुआ है।
पिता की मेहनत, बेटे की कामयाबी बनी परिवार की पहचान
अभिषेक कसौधन के पिता राजकुमार कसौधन मजदूरी और फेरी लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई और भविष्य को लेकर उम्मीदों का दामन नहीं छोड़ा। माता ममता देवी ने भी बेटे को आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया। परिवार की मेहनत और अभिषेक की लगन ने मिलकर ऐसी सफलता की कहानी लिखी है, जो उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने सपनों को छोटा समझने लगते हैं।

11 दिनों के भीतर मिली दोहरी सफलता
अभिषेक की मेहनत का परिणाम अक्टूबर महीने में सामने आया। 03 अक्टूबर को उनका चयन होमगार्ड में हुआ, जबकि 14 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन की सफलता मिली। महज 11 दिनों के अंतराल में मिली इन दो उपलब्धियों ने परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया। 19 वर्ष की उम्र में मिली यह सफलता उनके आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

स्थानीय विद्यालयों से पढ़ाई, महाराजगंज से कर रहे स्नातक
अभिषेक ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई स्थानीय विद्यालयों से पूरी की। इसके बाद उन्होंने महाराजगंज के एक निजी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए उन्होंने प्रतियोगी चयन प्रक्रियाओं में सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि बताती है कि सफलता के लिए केवल बड़े संसाधन ही नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण हैं।

मामा और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया श्रेय
अपनी इस उपलब्धि पर अभिषेक कसौधन ने अपने माता-पिता, मामा धर्मेन्द्र कसौधन और गुरुजनों के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, मामा के मार्गदर्शन और शिक्षकों के आशीर्वाद को दिया। अभिषेक की कामयाबी से उनके परिजनों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना अभिषेक का सफर
अभिषेक कसौधन की कहानी केवल दो नौकरियों में चयन की कहानी नहीं, बल्कि मेहनतकश परिवार के सपनों और एक युवा के दृढ़ संकल्प की कहानी है। जिस परिवार की आजीविका मजदूरी और फेरी पर निर्भर है, उसी परिवार के बेटे ने अपनी मेहनत से सरकारी सेवाओं में चयन हासिल कर नई उम्मीद जगाई है।
अगला लक्ष्य दरोगा का
अभिषेक कसौधन को मिली सफलता से परिवार के साथ साथ क्षेत्र एवं जिले में चर्चाएं तेज है।इस सफलता से अभिषेक का हौसला आसमान पर है,उन्होंने कहा,-अभी रुकना नही है,और आगे बढ़ना है,अगला लक्ष्य यूपी पुलिस में दरोगा बनना है।
अभिषेक की उपलब्धि यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो सफलता की राह बनाई जा सकती है। महज 19 वर्ष की उम्र में मिली इस दोहरी उपलब्धि ने अभिषेक को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना दिया है।
