
रिपोर्टर कैलाश सिंह यदुवंशी
69 दिनों से जारी धरने के बीच किसानों ने फूंका ‘कालनेमि’ का प्रतीकात्मक पुतला, अधिकारियों की मौजूदगी में हुई खींचतान
छाता (मथुरा)। छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद और किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को आंदोलन के 69वें दिन चीनी मिल परिसर में किसानों ने पूर्व घोषणा के अनुसार ‘कालनेमि’ रावण का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने का प्रयास किया। इस दौरान पुतला दहन को लेकर पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक एवं खींचतान देखने को मिली।

जानकारी के अनुसार, छाता चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद और किसान पिछले 69 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में किसानों ने पुतला दहन का कार्यक्रम रखा था। जैसे ही किसानों ने पुतले में आग लगाई, मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने जलते हुए पुतले को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक खींचतान होती रही।
बताया गया कि खींचतान के दौरान पुतले का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा पुलिस प्रशासन अपने कब्जे में लेने में सफल रहा, जबकि किसानों ने शेष हिस्से को जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। घटना के दौरान मौके पर माहौल गर्म रहा, हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के इंतजाम किए गए थे।

प्रशासन पर आवाज दबाने का आरोप
घटना के बाद किसानों ने कहा कि किसानों ने अपना फर्ज निभाया है और प्रशासन ने अपनी ड्यूटी पूरी की है। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी आवाज दबाने और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में बाधा डालने का प्रयास करता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि छाता चीनी मिल को दोबारा चालू कराने की मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
पुतला दहन के दौरान मौके पर एडीएम अमरेश सिंह, एसडीएम अखिलेश सिंह, तहसीलदार नितिन, नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग, सीओ छाता भूषण वर्मा और सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
छाता चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच हुई इस घटना ने एक बार फिर किसानों की मांग और प्रशासन की भूमिका को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है। किसानों का कहना है कि चीनी मिल दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के गन्ना किसानों को राहत मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
