
डॉलिम्स सनबीम में गूंजा गोटीपुआ ओडिसी नृत्य का रंग
वाराणसी। रोहनिया स्थित डॉलिम्स सनबीम स्कूल एंड हॉस्टल के सभागार में शनिवार को स्पिक मैके के तत्वावधान में गोटीपुआ ओडिसी नृत्य कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें मुख्य कलाकार बटाकृष्ण दास एवं उनकी टीम ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संस्थापकद्वय डॉ. अमृत लाल इशरत एवं मैडम दीश इशरत की प्रतिमूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान स्पिक मैके उत्तर प्रदेश के वाराणसी चैप्टर के समन्वयक उमेश सेठ एवं उनकी पत्नी, प्रधानाचार्या गुरमीत कौर, प्रशासिका रितु वाधवा और उप-प्रधानाचार्या सुरभि गुप्ता उपस्थित रहीं।
कलाकारों बटाकृष्ण दास, भगवान बेहरा (गायक), कबिराज प्रधान (बांसुरी वादक), नीलकंठ नायक (मंजीरा वादक) तथा सोम्यरंजन दास, अभिमन्यु नायक, लाबा मरांडी, गणेश गलिक, अमीर मलिक, राहुल डे और कुश्ना जेना का अंगवस्त्रम भेंट कर स्वागत किया गया।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप ‘बाबा’ मधोक, निदेशिका पूजा मधोक एवं अतिरिक्त निदेशक माहिर मधोक ने स्पिक मैके के योगदान की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से भारतीय शास्त्रीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का आह्वान किया।
मुख्य कलाकार बटाकृष्ण दास ने गोटीपुआ नृत्य की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि परंपरागत रूप से इसमें पांच से 15 वर्ष तक के बालक प्रस्तुति देते हैं। कलाकारों ने शुंभ-निशुंभ वध, नरसिंह अवतार, द्रौपदी चीरहरण और ग्राह उद्धार जैसे प्रसंगों को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया। प्रस्तुति के बाद विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
अंत में प्रधानाचार्या गुरमीत कौर ने सभी कलाकारों एवं स्पिक मैके के प्रति आभार व्यक्त किया।
