
डॉ. गीता रानी ने कहा—काशी में वायुसेना का प्रदर्शन राष्ट्रगौरव, शौर्य और आध्यात्मिक विरासत का अद्भुत संगम
वाराणसी। हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गीता रानी ने वाराणसी से जारी अपने बयान में कहा कि देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के विमानों का आकाश में प्रदर्शन देश की रक्षा क्षमता, वायु सैनिकों के अनुशासन, साहस और दक्षता का शानदार प्रतीक रहा।
उन्होंने कहा कि आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना और उनके सधे हुए हैरतअंगेज करतबों ने नागरिकों के मन में देश की सुरक्षा के प्रति विश्वास और भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया है। इस भव्य हवाई प्रदर्शन ने युवाओं में राष्ट्रभक्ति की नई ऊर्जा का संचार किया है।
डॉ. गीता रानी ने कहा कि भारतीय वायुसेना के शौर्य और शक्ति प्रदर्शन के दौरान एक ओर काशी बाबा विश्वनाथ के जयकारों से गूंजती रही, वहीं दूसरी ओर ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
उन्होंने कहा कि काशी में आयोजित यह हवाई प्रदर्शन राष्ट्रीय गौरव, आधुनिक सैन्य सामर्थ्य और भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के अद्भुत संगम के रूप में याद किया जाएगा। इस आयोजन ने देश की सुरक्षा में भारतीय वायुसेना के अतुलनीय योगदान और उसके पराक्रम के प्रति जनमानस में गौरव की भावना को और प्रगाढ़ किया है।
