
रिपोर्ट शाहनूर आलम प्रयागराज मंडल सहायक ब्यूरो प्रमुख
md news बहुआयामी समाचार
फतेहपुर। शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित पत्थरकट्टा चौराहे पर ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही एक बच्ची को युवक ने अचानक थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ लगने से बच्ची को चोट आ गई। घटना देखकर आसपास मौजूद लोग दौड़ पड़े और युवक को पकड़ लिया। देखते ही देखते चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवक को अपनी हिरासत में लिया और सदर कोतवाली पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, बच्ची ट्यूशन पढ़कर अपने घर वापस जा रही थी। जैसे ही वह पत्थरकट्टा चौराहे पर पहुंची, तभी एक युवक ने अचानक उसे थप्पड़ मार दिया। बच्ची के साथ हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई। लोगों ने युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया। यदि स्थानीय लोग समय रहते युवक को नहीं पकड़ते तो किसी और गंभीर घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता था।
ट्रैफिक पुलिस ने दिखाई तत्परता, युवक को पहुंचाया कोतवाली
घटना के बाद पत्थरकट्टा चौराहे पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए लोगों द्वारा पकड़े गए युवक को अपनी हिरासत में ले लिया। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस युवक को सदर कोतवाली लेकर पहुंची। ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से मौके पर स्थिति को संभाल लिया गया।
युवक के नशे में होने की चर्चा, स्मैक सेवन की भी आशंका
घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों का कहना था कि युवक स्मैक का सेवन करता है, जबकि कुछ लोग उसके नशे में होने की बात कह रहे थे। हालांकि युवक के नशे में होने अथवा स्मैक सेवन करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह पुलिस जांच का विषय है कि युवक ने बच्ची के साथ मारपीट क्यों की और घटना के समय उसकी वास्तविक स्थिति क्या थी।
अगर युवक स्मैक का आदी है तो शहर में कहां से आ रही नशे की खेप?
घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि युवक वास्तव में स्मैक का सेवन करता है तो उसे नशीला पदार्थ कहां से उपलब्ध हो रहा है? क्या शहर में स्मैक की अवैध बिक्री हो रही है? यदि ऐसा है तो इस कारोबार में कौन लोग शामिल हैं और नशे की खेप कहां से लाई जा रही है? इन सवालों की भी जांच जरूरी है।
शहर के व्यस्त चौराहे पर एक बच्ची के साथ हुई इस घटना ने सार्वजनिक सुरक्षा के साथ-साथ नशे के संभावित अवैध कारोबार पर निगरानी की आवश्यकता को भी सामने ला दिया है।
नशे के सौदागरों पर कब कसेगा शिकंजा?
यदि जांच में युवक के नशे का आदी होने की पुष्टि होती है तो पुलिस के सामने केवल मारपीट की घटना की जांच ही नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने की चुनौती भी होगी। सवाल यह है कि नशे का सामान बेचने वाले लोग कहां सक्रिय हैं और उन तक पुलिस की पहुंच क्यों नहीं हो पा रही है?
फिलहाल ट्रैफिक पुलिस युवक को पकड़कर सदर कोतवाली पहुंचा चुकी है। बच्ची के साथ मारपीट के पीछे की वजह और युवक के नशे में होने संबंधी चर्चाओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
