एक अप्रैल को परीक्षा पे चर्चा करेंगे पीएम मंगलवार को सूचना विभाग में आयोजित प्रेसवर्ता में जवाहर नवोदय विद्यालय , बदायूँ की प्राचार्य डॉ0 रेनु पंत ने उक्त आश्य की जानकारी दी है।

उन्होने अवगत कराया कि जवाहर नवोदय विद्यालय, बदायूँ (उ.प्र.) प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भाग लेगा नवोदय विद्यालय धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा पे चर्चा को तनाव मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया 1 अप्रैल , 2022 को आयोजित होने वाले प्रधान मंत्री के संवाद कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा का 5 वां संस्करण वस्तुतः भाग लेने के लिए भारत और विदेशों के करोड़ों छात्र , शिक्षक और अभिभावक रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के लिए लगभग 15.7 लाख प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक पंजीकरण कराया 28 मार्च , 2022 नई दिल्ली केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अप्रैल , 2022 को परीक्षा पे चर्चा के 5 वें संस्करण के दौरान दुनिया भर के छात्रों , शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत करेंगे । परीक्षा पे चर्चा एक बहुत बड़ी बात है। -प्रतीक्षित वार्षिक कार्यक्रम जिसमें प्रधान मंत्री एक जीवंत कार्यक्रम में अपनी अनूठी आकर्षक शैली में छात्रों द्वारा परीक्षा के तनाव और संबंधित क्षेत्रों से संबंधित सवालों के जवाब देते हैं , उन्होंने कहा कि परीक्षा पे चर्चा , एक सार्वजनिक आंदोलन करार देते हुए प्रधानमंत्री ने देश के कोविड – 19 महामारी से बाहर आने और परीक्षाओं को ऑफलाइन मोड में स्थानांतरित करने के मद्देनजर इस वर्ष के पीपीसी के महत्व को रेखांकित किया । 21 वीं सदी की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण में पीपीसी जैसी पहलों के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि पीपीसी एक औपचारिक संस्था बन रही है जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे छात्रों से बातचीत करते हैं। उन्होंने बताया कि देश भर के चुनिंदा छात्र राज्य के राज्यपालों की मौजूदगी में कार्यक्रम देखने के लिए राजभवनों का भी दौरा करेंगे ।

उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि देश भर की राज्य सरकारें भी छात्रों , शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करेंगी । मंत्री ने उल्लेख किया कि पीपीसी को न केवल पूरे भारत में , बल्कि अन्य देशों में भी भारतीय प्रवासियों तक पहुंचाया जाएगा । उन्होंने इस कार्यक्रम को जन आंदोलन बनाने और छात्रों के लिए तनाब मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए मीडिया में समर्थन का भी आह्वान किया। प्रधान ने इस बात पर प्रकाश डाला कि परीक्षा पे चर्चा युवाओं के लिए तनाव मुक्त माहौल बनाने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बड़े आंदोलन-’एग्जाम वॉरियर्स’ का हिस्सा है । यह एक ऐसा आंदोलन है जो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों अभिभावकों , शिक्षकों और समाज को एक ऐसे माहौल को बढ़ावा देने के प्रयासों से प्रेरित है जहां प्रत्येक बच्चे के अद्वितीय व्यक्तित्व का जब मनाया जाता है , प्रोत्साहित किया जाता है और खुद को पूरी तरह व्यक्त करने की अनुमति दी जाती है । मंत्री ने बताया कि 5 वें संस्करण का आयोजन नई दिल्ली में टाउन हॉल इंटरएक्टिस फॉर्मेट में तालकटोरा स्टेडियम से सुबह 11 बजे होगा । उन्होंने कहा कि भारत और विदेशों के करोड़ों छात्र शिक्षक और अभिभावक भाग लेंगे । श्री प्रधान ने यह भी बताया कि जिन छात्रों शिक्षकों और अभिभावकों को प्रधानमंत्री से प्रश्न पूछने को मिलेंगे , उन्हें विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के आधार पर शॉर्ट लिस्ट किया गया है । प्रतियोगिता का आयोजन 28 दिसंबर 2021 में 3 फरवरी , 2022 तक माय जीओवी प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया था । मंत्री ने रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के लिए इस वर्ष 15.7 लाख से अधिक प्रतिभागियों के पंजीकरण पर संतोष व्यक्त किया । माय जीआवी पर प्रतियोगिताओं के माध्यम से चुने गए प्रतिभागियों को प्रशंसा पत्र और प्रधान मंत्री द्वारा लिखित परीक्षा योद्धाओं की एक विशेष परीक्षा पे चर्चा किट प्रदान की जाएगी । यह जायोजन पिछले चार वर्षों में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग , शिक्षा मंत्रालय द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है ।

पीपीसी के पहले तीन संस्करण नई दिल्ली में टाउन हॉल इंटरएक्टिव प्रारूप में आयोजित किए गए थे । प्रधान मंत्री संवाद कार्यक्रम का पहला संस्करण परीक्षा पे चर्चा 1.05 16 फरवरी 2018 को आयोजित किया गया था । स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ उक्त बातचीत कार्यक्रम का दूसरा संस्करण “ परीक्षा पे चर्चा 2.0 “ 29 जनवरी 2019 को और तीसरा संस्करण 29 जनवरी 2019 को आयोजित किया गया था । 20 जनवरी 20201 कोबिड 19 महामारी के कारण , चौथा संस्करण 7 अप्रैल 2021 को ऑनलाइन आयोजित किया गया था । इस कार्यक्रम का दूरदर्शन ( डीडी नेशनल , डीडी न्यूज , डीडी इंडिया ) , रेडियो चैनलों , टीवी चैनलों , डिजिटल मीडिया पर एडुमिनोफइंडिया के यूट्यूब चैनल , नरेंद्र मोदी , पोमोइंडिया , पिबइडिया , दूरदर्शन नेशनल , मायगॉवइंडिया , डीडीन्यूज , राज्यसभा टीवी , स्वयंबर पर सीधा प्रसारण किया जाएगा । प्रभात प्रधानमंत्री जी का यह कार्यक्रम नई पीली के लिए एक नई प्रेरणा का काम करता है । जवाहर नवोदय विद्यालय , बदायूँ की प्राचार्य ने अवगत कराया कि इस वर्ष इस कार्यक्रम में पूरे देश के कई नवोदय विद्यालय के छात्र – छात्राएं प्रतिभाग करेंगे । प्राचार्य ने यह सी बताया कि 1 अप्रैल 2022 को जवाहर नवोदय विद्यालय में इस कार्यक्रम को बड़े उत्साह से देखा जायेगा तथा उन्होंने पूरे जनपद के छात्र छात्राओं तथा अभिभावकों से इस कार्यक्रम को देखने की अपील की है ।

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट आलोक मालपाणी बदायूं

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!