विंक स्टूडियो के कलाकारों के गाने विंक म्यूज़िक पर 1.7+ बिलियन स्ट्रीम को किया पार

रोहित सेठ

वाराणसी : डाउनलोड और दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के मामले में भारत के नंबर वन म्यूज़िक स्ट्रीमिंग ऐप, विंक म्यूज़िक- नये उभरते संगीत कलाकारों के लिए अपने गानों को देश भर के दर्शकों तक पहुँचाने के लिए लॉन्च पैड, ने विंक स्टूडियो के स्वतंत्र कलाकारों के गानों के लिए 1.7+ बिलियन स्ट्रीम की एक प्रभावशाली इंडस्ट्री-अग्रणी उपलब्धि हासिल की है। इन गानों ने, उल्लेखनीय रूप से, विंक स्टूडियो के लॉन्च के दो साल के भीतर इस मील के पत्थर को पार कर लिया है, जो संगीत को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली और उभरते कलाकारों का समर्थन करने के लिए विंक की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

भारती एयरटेल के मुख्य मार्केटिंग अधिकारी, अमित त्रिपाठी ने कहा, “हमने उभरते कलाकारों को, अपने संगीत से कमाई करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म देने के लिए विंक स्टूडियो को लॉन्च किया साथ ही, हमने अपने ग्राहकों को एक विशाल संगीत की लाइब्रेरी भी उपलब्ध कराई। इन गानों के लिए 1.7 मिलियन स्ट्रीम यह दिखाता हैं कि हमारे ग्राहक इस संगीत का कितना आनंद ले रहे हैं जबकि हम इससे कलाकार की मदद कर पा रहे हैं। दो साल से भी कम समय में, विंक स्टूडियो इतना लोकप्रिय हो गया है कि हम देश भर से कलाकारों को साइन कर रहे हैं, जबकि हम विंक पर भाषा विविधता को भी बढ़ावा देते हैं। हम विविधता लाने और अधिक कलाकारों को संगीत में सफल कैरियर बनाने में सक्षम बनाने का वादा करते हैं।”

देश में संगीत प्रतिभाओं को पहचानने और कलाकारों को संगीत उद्योग में स्थायी करियर बनाने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से विंक स्टूडियो की शुरुआत की गई थी। अपनी तरह के पहले कलाकार विकास मंच – विंक स्टूडियो – ने व्यक्तिगत सलाह, व्यापक वितरण और मुद्रीकरण के अवसरों के माध्यम से भारत में कलाकारों को आगे बढ़ाने में क्रांति ला दी है। विंक स्टूडियो, कलाकारों को अन्य संगीत लेबलों के साथ जुड़ने, वेब सीरीज़ के बैकग्राउंड स्कोर, ओटीटी, लाइव इवेंट और इस तरह के अन्य अवसरों सहित कई अवसर प्रदान करता है।

विंक म्यूज़िक इन कलाकारों के गानों के साथ विशेष प्लेलिस्ट तैयार करता है ताकि इसकी खोज और परिणामस्वरूप स्ट्रीम को बढ़ावा मिले। विंक की विशाल ग्राहक संख्या कलाकारों को अपनी पहुँच बढ़ाने और अपने गानों से आसानी से मुद्रीकरण करने में मदद करता है ताकि वे सफल कैरियर बना सकें। इससे देश भर के स्वतंत्र कलाकारों की संख्या में वृद्धि हुई है जो प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ रहे हैं और अपने संगीत के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पा रहे हैं। आज तक, प्लेटफ़ॉर्म ने 2000 से अधिक कलाकारों को रचनात्मक आउटलेट के साथ मदद की है और उनके लिए मुद्रीकरण और मंच तलाश जैसे मुद्दों को हल किया है।

उभरते कलाकारों के साथ-साथ निखिता गांधी, विशाल ददलानी, राहत फतेह अली खान जैसे स्थापित कलाकारों ने भी अपना संगीत रिलीज़ करने के लिए विंक स्टूडियो के साथ जुड़े हैं । इस प्लेटफ़ॉर्म ने प्रतीक गांधी, राज बर्मन, हर्ष प्रवीण और रीना गिल्बर्ट जैसे कलाकारों के कैरियर को सक्षम बनाया है, जिससे वे विंक स्टूडियो के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले कलाकार बन गए हैं।
विंक ने मंज म्यूज़िक और अनुषा दांडेकर के “लव टोकन” जैसे एकल गाने के वितरण में भी मदद की है; साथ ही के के मेनन और स्वास्तिका मुखर्जी अभिनीत उनकी फ़िल्म “लव ऑल” के प्रचार के लिए एलजीएफ स्टूडियो जैसे स्वतंत्र निर्माताओं के साथ जुड़ा है।

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!