मुख्य आकर्षण: “बाल अधिकारों का संरक्षण हर नागरिक का दायित्व” विषय पर संगोष्ठी आयोजित; न्यायिक मजिस्ट्रेट, चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन शक्ति टीम ने साझा किए महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार; शिक्षाविद् अहमद अज़ीज़ सम्मानित।
धर्मेन्द्र कसौधन /ब्यूरो
महराजगंज। निचलौल स्थित मदरसा अरबिया अजीजिया मजहरुल उलूम में “बाल अधिकारों का संरक्षण हर नागरिक का दायित्व” विषय पर एक भव्य जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर माहौल देना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट की अपील: अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझें बच्चे
किशोर न्याय बोर्ड, महराजगंज के न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा ने संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा:
- मूलभूत अधिकार: हर बच्चे को जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समानता का अधिकार है।
- तत्काल सूचना: यदि किसी बच्चे के साथ शोषण, बाल श्रम, बाल विवाह, हिंसा या उत्पीड़न होता है, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभागों या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें।
- अधिनियम का उद्देश्य: किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम का मकसद बच्चों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने बच्चों से अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझने की अपील की।

24 घंटे सुरक्षा के लिए तत्पर: चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
चाइल्ड हेल्पलाइन महराजगंज के प्रतिनिधि पिन्टू कुमार ने हेल्पलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि संकट में फंसे बच्चों, बाल श्रम या भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर बच्चों, और मानव तस्करी या मानसिक उत्पीड़न के शिकार बच्चों की मदद के लिए 1098 सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और उन्हें शिक्षा से जोड़ें।

मिशन शक्ति टीम ने दिए साइबर सुरक्षा के टिप्स
कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम निचलौल की महिला उपनिरीक्षक वंदना ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने छात्राओं और बच्चों को बाल सुरक्षा और महिला संरक्षण से जुड़े कानूनों की जानकारी दी। इसके साथ ही, वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों और ठगी से बचने के उपाय व संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया।

शिक्षाविद् अहमद अज़ीज़ का हुआ सम्मान
इस विशेष अवसर पर शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए हेरा पब्लिक इंटर कॉलेज, निचलौल के प्रबंधक डॉ. अहमद अज़ीज़ को सम्मानित किया गया। उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से उनके कार्यों की सराहना की और उनका अभिनंदन किया।

संयोजक चंद्रेश शास्त्री ने किया जागरूक
कार्यक्रम के संयोजक चंद्रेश शास्त्री ने बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों का सम्मान करना केवल कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि जागरूक समाज ही बच्चों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकता है।

सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी
सरस्वती देवी महाविद्यालय, टिकुलहिया के प्राचार्य श्याम बिहारी अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बाल अधिकारों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। बच्चों को समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के संयोजक चंद्रेश शास्त्री ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसे एक नैतिक कर्तव्य बताया।

संकल्प के साथ समापन और उपस्थिति
कार्यक्रम का समापन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।इस अवसर पर निचलौल पुलिस ,मदरसे के प्रधानाचार्य अनवर अहमद खान शिक्षक-रेजाजुद्दीन, खालिद अली, मो० रौनक जमीर, मो० काशिम, तुफैल अहमद, तनवीर खान, अली हुसैन सिद्दिकी, अन्सार हुसैन, मो० मोइनुद्दीन, शम्सतबरेज़, मो० अशरफ रजा, मन्नान अहमद, जियाउर्रहमान, बदरूल कादरी, अफजल हुसैन, अतिउल्लाह, अब्दुल मन्नान, आफताब आलम, लिपिक परवेज आलम अन्सारी, फैजान खान सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


