🔵रिश्वत मांगे जाने पर तत्काल इस नंबर पर 9454401866 शिकायत दर्ज कराए..

🔵यूपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी मुहिम: विजिलेंस की कार्रवाई तेज, 93 दिन में 36 गिरफ्तार..

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग ने अपनी सक्रियता को और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत विजिलेंस ने यह स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने से लोगों के काम रुकेंगे नहीं, बल्कि नियमानुसार पूरे होंगे। डीजी विजिलेंस राजीव कृष्णा ने बताया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने पर बिना किसी डर के हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

शिकायत करने से नहीं रुकेगा काम

सरकारी काम करवाने के लिए अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगी जाती है, तो विजिलेंस विभाग ऐसे भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता का काम भी समय पर पूरा किया जाएगा। विभाग का यह स्पष्ट संदेश है कि रिश्वतखोरी की शिकायत करने पर शिकायतकर्ता का काम बाधित नहीं होगा, बल्कि वह तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा। इस नीति के तहत आम जनता को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

विजिलेंस की तेज़ कार्रवाई: 36 रिश्वतखोर गिरफ्तार

पिछले 93 दिनों में विजिलेंस विभाग ने प्रदेश भर में 36 रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में छह गुना अधिक है, जहां केवल पांच लोगों को ही गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार होने वालों में 9 राजपत्रित अधिकारी और 27 गैर-राजपत्रित अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों में पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पीडब्ल्यूडी जैसे विभिन्न विभागों के उच्च पदाधिकारी शामिल हैं।

गिरफ्तार अधिकारियों में प्रमुख नाम:

1. पशुपालन विभाग के ग्रेड-2 के अपर निदेशक

2. स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी

3. माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक

4. पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता

5. चकबंदी अधिकारी

गिरफ्तारी के बाद त्वरित कार्रवाई

विजिलेंस केवल गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गिरफ्तार अधिकारियों के खिलाफ त्वरित न्यायिक कार्रवाई भी की जा रही है। बरेली में एसआई राम औतार और हापुड़ में डिप्टी रेंजर शशि शेखर शर्मा के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिए गए हैं। इसके अलावा, 10 अन्य रिश्वतखोरों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और 22 अन्य मामलों की विवेचना जारी है।

भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में गिरफ्तारियां

विजिलेंस ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। प्रमुख गिरफ्तारियां इस प्रकार हैं।

16 अगस्त: फिरोजाबाद में अवर अभियंता रामयज्ञ 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार।

17 अगस्त: हापुड़ में लेखपाल विपिन धामा 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

17 अगस्त: आगरा में शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक राम प्रताप शर्मा 3 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

24 अगस्त: कानपुर में नगर निगम के कनिष्ठ लिपिक राजेश कुमार यादव 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए।

2 सितंबर: मीरजापुर में स्वास्थ्य कर्मी कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

7 सितंबर: हापुड़ में नगर पालिका के अवर अभियंता 2.30 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

9 सितंबर: कानपुर में हेड कांस्टेबल शहनवाज खां 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

10 सितंबर: कानपुर विकास प्राधिकरण के सहायक लिपिक 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

जनता के मन में भय दूर करना

डीजी विजिलेंस राजीव कृष्णा ने कहा कि आम जनता में अक्सर यह डर होता है कि रिश्वत की शिकायत करने पर उनका काम नहीं होगा या रुक जाएगा। इस डर को खत्म करने के लिए विजिलेंस विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि रिश्वतखोरी की शिकायत के बाद उस काम को फॉलो किया जाए और पूरा होने तक विभाग उस पर नजर रखे। विजिलेंस विभाग की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है कि अब रिश्वतखोर अधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं है।

विजिलेंस विभाग की इन कार्यवाहियों से उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है।

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!