औरैया पुलिसप्रेस-नोट दिनांकः-04.12.2024कोतवाली औरैया व स्वाट टीम की सयुंक्त कार्यवाही मे 03 अभियुक्तगण की निशादेही पर गवन किया गया 400 बोरी गेहूँ से भरा ट्रक(कीमती करीब 30 लाख रूपये/-) बरामद किया गया ।कार्यवाही- अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर श्रीमान आलोक सिंह द्वारा अपराध एवं अपराधियो पर नियंत्रण हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र श्रीमान जोगेन्द्र कुमार के निर्देशन व पुलिस अधीक्षक औरैया श्रीमान अभिजित आर. शंकर के पर्यवेक्षण में व अपर पुलिस अधीक्षक औरैया श्रीमान आलोक मिश्रा के निर्देशन में व क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमान महेन्द्र प्रताप सिंह के कुशल पर्यवेक्षण में दिनांक 04.12.2024 को कोतवाली औरैया व स्वाट की संयुक्त टीम द्वारा कोत0 औरैया पर पंजीकृत मु0अ0सं0 655/24 धारा 303(2) बीएनएस से सम्बन्धित अभियुक्तगण- जगदीश सिह यादव, रविन्द्र सिहं राजपूत, सर्वेश पाठक की निशादेही पर उनके द्वारा गवन किया गया 400 बोरी गेहूँ से भरा ट्रक बरामद कर अभियोग का सफल अनावरण किया गया ।घटना का संक्षिप्त विवरण- दिनांक 27.11.2024 को श्री राजेश पुत्र स्वर्गीय जगदीश प्रसाद निवासी मोहल्ला बह्मनगर जनपद औरैया द्वारा थाना कोत0 औरैया पर लिखित सूचना दी गई कि दिनांक 22.11.2024 को मेरी फर्म से 299 कुन्तल गेंहूँ मंडी समिति औरैया से माल लोड करके अलीगढ के लिए गाडी सं0 UP 83AT 6985 के माध्यम से ड्राइवर जगदीश लेकर गया था माल दिनांक 23.11.2024 को पंहुचना था अभी तक मालं नहीं पहुंचा है तथा ट्रक चालक जगदीश का मोबाइल बन्द है सूचना पर थाना कोत0 औरैया पर मु0अ0सं0 655/24 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया, दौराने विवेचना मुकदमा उपरोक्त मे अपराध धारा 303(2) बीएनएस को धारा 316(2) बीएनएस मे तमीम किया गया। विवेचनात्मक कार्यवाही मे संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 29.11.2024 को अभियुक्तगण- जगदीश सिह यादव, रविन्द्र सिहं राजपूत, सर्वेश पाठक को मंगला लोज बराटी थाना निमता जिला वराकपुर पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दिनांक 02.12.2024 को संबंधित न्यायालय औरैया के समक्ष पेश किया गया। पुछताछ कर माल बरामदगी हेतु माननीय न्यायालय से अभियुक्तगण का कस्टडी रिमांड लेकर दिनांक 04.12.2024 को अभियुक्तगण की निशानदेही पर ग्राम गगंदासपुर(अयाना) की सरहद से 400 बोरी गेहूँ से भरे ट्रक न0-UP83AT6985 को बरामद किया गया। गिरफ्तारी/ बरामदगी के आधार पर मुकदमा उपरोक्त मे धारा 317(2) बीएनएस की बढोतरी कर अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।अपराध का तरीका- अभियुक्तगण द्वारा गेहु से भरे ट्रक को गन्तव्य स्थान पर ना पहुचाकर अमानत मे खयानत करना।गिरफ्तार अभियुक्तगण विवरण-

Bymdnewsadmin2

Dec 4, 2024
  1. सर्वेश पाठक पुत्र अजय कुमार निवासी गोविन्द नगर थाना कोतवाली जिला औरैया
  2. जगदीश नारायण पुत्र गेंदालाल निवासी नगला नया थाना इकदिल जिला इटावा
  3. रविन्द्र सिंह पुत्र किशोरीलाल निवासी ग्राम विक्रमपुर थाना सिविल लाइन जिला इटावा
    अनावरित अभियोग-
  4. मु0अ0स0 655/24 धारा 316(2)/317(2) बी0एन0एस0 थाना कोतवाली जनपद औरैया
    अपराधिक इतिहास-
    जगदीश नरायण उपरोक्त-
  5. मु0अ0सं0 265/17 धारा 279/304A/337/338/427 भादवि0 थाना ऊसराहार जनपद इटावा
    रविन्द्र सिंह उपरोक्त-
  6. मु0अ0सं0 429/18 धारा 120बी/420/406/467/468/471/506 भादवि0 थाना कोतवाली इटावा
  7. मु0अ0सं0 05/12 धारा 201/302/394 भादवि0 व 3(2)5 SC/ST ACT थाना वैदपुरा जनपद इटावा

बरामदगी-

  1. एक ट्रक न0-UP83AT6985(कीमती करीब 20 लाख रूपये/-)
  2. 400 बोरी गेहूँ(कीमती करीब 12 लाख रूपये/-)
    गिरफ्तारी करने वाली टीम-
  3. निरीक्षक श्री राजीव कुमार प्रभारी स्वाट/सर्विलान्स मय टीम
  4. प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली औरैया श्री ललितेश त्रिपाठी मय हमराह

नोट- पुलिस अधीक्षक महोदया औरैया श्री अभिजित आर. शंकर द्वारा अनावरण/गिरफ्तार करने वाली टीम को 25,000/-रू0 के पुरुस्कार से पुरुस्कृत किया गया है।

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!