लुटेरी दुल्हन व उसके कथित रिश्तेदार थाना लंका पुलिस द्वारा गिरफ्तार।

रोहित सेठ

पुलिस आयुक्त कमिश्नेरट वाराणसी द्वारा जालसाजी व धोखाधडी की घटनाओं पर अंकुश लगाये जाने के क्रम में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में पुलिस उपायुक्त, काशी जोन, कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देशन में व अपर पुलिस उपायुक्त, काशी जोन, कमिश्नरेट वाराणसी व सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी लंका के कुशल नेतृत्व में दिनांक 10.12.2024 को लंका पुलिस द्वारा सामने घाट मैदान से 06 नफर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया, आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
घटना विवरण
वादी घनश्याम पुत्र मिश्रीलाल निवासी पर्वबतसर वार्ड नं0- 02 हरसोर रोड, डेला की ढाणी थाना परबतसर नागौर राजस्थान ने सूचना दिया कि मेरे दोस्त सुमेर सिंह जो मेरे यहाँ का ही रहने वाला है मुझसे शादी के लिए लडकी के बारे में बताया यह भी बताया कि लडकी मेरी साली है । जिसका नाम संगीता है यदि तुम्हे पसन्द होगी तो शादी करा दूंगा । उसकी बात पर विश्वास कर मै अपने छोटे भाई महाबीर राम के साथ वाराणसी आया । मुझे सुमेर ने काशी विश्वनाथ ले जाकर दुल्हन संगीता से मिलवाया । मौके पर लडकी के फुफा अनिल, जीजा प्रसन कुमार , माँ शोभा देवी, बुआ गुडिया मौजूद थे । दुल्हन पसन्द हो जाने के बाद इन लोगों द्वारा मुझे नगवा में एक घर में ले जाकर शादी करवाया गया । शादी की रस्म पूरी होने के बाद इन लोगों द्वारा विदायी करायी गयी । जब लडकी स्टेशन मडुवाडीह पहुंची तो लडकी बहाना बनाकर अपने कथित भाई के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर भाग गयी और धीरे-धीरे सब लोग वहाँ से हट गये फिर मै वापस आया और इन लोगों के बारे में पता किया तो ज्ञात हुआ कि मेरे साथ इन लोगों ने फर्जीवाडा कर रूपया एक लाख सत्रह हजार ले लिया गया । ये लोग लडकी के रिश्तेदार नही थे बल्कि गैंग के सदस्य थे । वादी के तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत किया गया ।
पूछताछ विवरण
दौराने विवेचना काफी प्रयास कर वादी द्वारा बताये गये स्थान पर जाकर जानकारी किया गया तथा जानकारी के आधार पर गिरफ्तारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि सुमेर सिंह जो राजस्थान का रहने वाला है । अविवाहित लोगों को फसाकर रूपया लेकर शादी कराने हेतु वाराणसी लाता है जहां उसके गोल के सदस्य पूरी तैयारी रखते है । लडकी दिखाने से लेकर शादी कराने तक का कार्यक्रम इन लोगों द्वारा किया जाता है ।

लडकी के जो भी परिजन (माँ, बहन, बुआ, जीजा, बहनोई) सब काल्पनिक होते हैं । ये लोग लडके के तरफ
से प्राप्त रूपयों को आपस में बांट लेते है तथा स्टेशन पर लडकी को छोडने जाते है तथा ट्रेन आने के पूर्व ही लडकी द्वारा कोई-न-कोई बहाना जैसे पानी पीने, पेट दर्द या अन्य बहाने बनाकर लडकी को वहां से भगा देते है तथा स्वयं गायब हो जाते है । इस प्रकार इन लोगों का एक संगठीत गिरोह जो पैसे के लिए धोखाधडी व कूट रचना कर आपराधिक कृत्य करता है ।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम-पता

  1. सुमेर सिंह पुत्र श्रीराम निवासी ग्राम पुरानबास थाना निमका जिला सिकरा राजस्थान उम्र 40 वर्ष ।
  2. अनील पुत्र मुन्ना लाल निवासी ग्राम भ्रारस्वा थाना मंझनपुर जिला कौशाम्बी उम्र 39 वर्ष ।
  3. प्रसन कुमार पुत्र चिरंजी लाल निवासी ग्राम तोरड़ी थाना मालपुरा जिला टोक राजस्थान उम्र 42 वर्ष ।
  4. विभा (फर्जी नाम संगीता ) पुत्री बालिन्द्र साहनी निवासी ग्राम चक्रलोनर कोठी थाना मेहसी जिला
    पूर्वी चम्पारन बिहार उम्र 22 वर्ष ।
  5. शोभा पत्नी संजय कुमार निवासी आदित्य नगर करौंदी थाना चित्तईपुर वाराणसी उम्र 40 वर्ष ।
  6. आसिया पत्नी सम्सुदीन निवासी डुबकीया थाना चौबेपुर जिला वाराणसी उम्र 44 वर्ष ।
    गिरफ्तारी का दिनांक व स्थान दिनांक गिरफ्तारी 10.12.2024 समय 12.30 को सामनेघाट मैदान थाना लंका कमि0 वाराणसी।
    विवरण बरामदगी कुल 4900 रूपया नगद समस्त अभियुक्तगण के चिटबंदी में व 06 अदद मोबाइल फोन व 04 अदद आधार कार्ड व एक अदद कूटरचित आधार कार्ड की छायाप्रति एक सफेद पारदर्शी डिब्बे में ।
    पंजीकृत अभियोग का विवरण
    मु0अ0सं0 500/2024 धारा 316(2),319(2),318(4),338,336(3)/340(2) बीएनएस थाना लंका, कमि0 वाराणसी ।
    गिरफ्तारी/बरामदगी करने वाली पुलिस टीम
  7. शिवाकांत मिश्र प्रभारी निरीक्षक थाना लंका कमिश्नरेट वाराणसी ।
  8. उ0नि0 अपराजित सिंह चौहान, थाना लंका, कमिश्नरेट वाराणसी।
  9. म0उ0नि0 दिव्यम त्रिपाठी, थाना लंका, कमिश्नरेट वाराणसी।
  10. का0 सूरज सिंह, थाना लंका, कमिश्नरेट वाराणसी।
  11. का0 कृष्णकांत पाण्डेय, थाना लंका कमि0 वाराणसी ।
  12. का0 अमित शुक्ला, थाना लंका, कमिश्नरेट वाराणसी।
  13. का0 पवन गुप्ता, थाना लंका, कमिश्नरेट वाराणसी।
  14. का0 मनोज सिंह, थाना लंका, कमिश्नरेट वाराणसी।
  15. का0 अश्वनी ,सर्विलांस सेल कमिश्नरेट वाराणसी ।
  16. का0 मनीष, सर्विलांस सेल कमिश्नरेट वाराणसी ।
  17. म0का0 अर्चना वर्मा, थाना लंका, कमिश्नरेट वाराणसी।

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!