रिपोर्ट आकाश मिश्र बहुआयामी समाचार

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24OCT2024LMP001784
आपको बता दें कि जिला पुरुष चिकित्सालय मोतीपुर ओयल में मंगलवार को फायर सेफ्टी को लेकर एक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें सीएमएस डॉक्टर आरके कोली के नेतृत्व में माकड्रिल में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी राहुल वर्मा और फायरमैन दीपक ने चिकित्सालय के डॉक्टर पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आग से निपटने के तरीकों के बारे में जानकारी दी।
सीएमएस डॉक्टर आरके कोहली ने बताया कि हाल ही में झांसी में हुई दुर्घटना के बाद शासन ने सभी अस्पतालों को फायर सेफ्टी के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस मॉकड्रिल का आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों को आग से निपटने के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी देना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रभारी अग्नि शमन अधिकारी राहुल वर्मा ने अस्पताल में लगे फायर एक्सटिंग्विशर को निकालने, लॉक हटाने और सही तरीके से चलने की प्रक्रिया के बारे में समझाया। उन्होंने आग बुझाने के लिए पाइप और पानी के उपयोग का भी प्रदर्शन किया डॉक्टर और स्टाफ ने स्वयं उपकरणों के प्रयोग से आग बुझाने का अभ्यास किया।
अग्निशमन अधिकारी ने घरेलू गैस सिलेंडरों में लीक और आग पर तुरंत काबू पाने के तरीकों के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि डरने के बजाय घर में रखे गीले बोरे, कंबल व सूती वस्त्र का उपयोग कर गैस लीक की जगह पर मर जाए तो तुरंत आग पर काबू पाया जा सकता है। इसके अलावा मिट्टी बालू या आवश्यकता पड़ने पर घर में रखा आटा भी आग बुझाने में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान आग बुझाने के तरीकों के साथ-साथ कर्मचारियों को यह भी बताया कि कैसे आग से बचा जा सकता है और उपकरणों को सही स्थिति में रखा जा सकता है। सीएमएस डॉक्टर कोहली ने इस आयोजन को कर्मचारियों की सुरक्षा और अस्पताल की तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस आयोजन के जरिए अस्पताल प्रशासन ने अपनी फायर सेफ्टी को मजबूत करने का संदेश दिया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने आग जैसी आपातकाल स्थितियों में आत्मविश्वास और कुशलता से निपटने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
