सैदपुर (गाजीपुर) : करमपुर स्थित पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह के आवास पर बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की जयंती पर उन्हें याद किया गया। उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उन्हें भारत रत्न देने की मांग की गई।
पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कर पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को संविधान प्रदत्त अधिकार दिलाया। सत्ता को सेवा का माध्यम बनाया और सामाजिक न्याय की राजनीति की आधारशिला रखी।

जब देश में सामाजिक न्याय की बात कोई नहीं करता था, तब उन्होंने कहा:
“मैं राजा हूं, लेकिन पहले इंसान हूं, जो पीढ़ियों से छला गया है, उसका हक़ दिलाऊंगा।” उनके इसी साहसिक फैसले ने देश में सामाजिक परिवर्तन की क्रांति को जन्म दिया। उन्होंने अपनी 30,000 बीघा ज़मीन भूदान आंदोलन में गरीबों को समर्पित कर दी। जब पूछा गया, “खुद के लिए क्या रखोगे?”तो उन्होंने मुस्कुराकर कहा कि “इतिहास में एक जगह अगर समाज ने दी तो।” बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न दिलवाना और संसद में उनका चित्र लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लेना, उनके मन में सामाजिक न्याय के प्रति सम्मान का प्रमाण है। वे सच्चे अर्थों में अंबेडकर वादी थे। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” की भावना से देश आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में समरसता को सशक्त किया जा रहा है। ऐसे में वीपी सिंह जी को मरणोपरांत “भारत रत्न” से सम्मानित करना, हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन जाती है।
पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस युग पुरुष को भारत रत्न देकर सामाजिक न्याय, संविधान और वंचित समाज के संघर्ष को सम्मानित किया जाए। विजय सिंह, अनिकेत सिंह, मुन्ना प्रधान, हवलदार यादव, इंद्रदेव, महेंद्र आदि थे।

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