लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के राज्य स्तरीय कैडर पर मुहर लगा दी है। उप्र सरकार की कैबिनेट ने ग्राम्य विकास अधिकारी सेवा नियमावली-2025 को स्वीकृति दे दी है। इसमें वीडीओ के कैडर को जिला स्तर से राज्य स्तर कर दिया गया है। नियमावली लागू होने से अब इन अधिकारियों का स्थानांतरण प्रदेश के किसी भी जिले में किया जा सकेगा।

ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रादेशिक विकास सेवा के अग्रिम पद ग्राम विकास अधिकारी की अहम भूमिका होती है। इसके लिए 1980 में उप्र ग्राम्य विकास (ग्राम सेवक) सेवा नियमावली लागू की थी, तब यह पद ग्राम सेवक के नाम से जाना जाता था। इसके बाद वर्ष 1981 में एक आदेश के माध्यम से पदनाम को बदलकर ग्राम विकास अधिकारी कर दिया गया, परंतु में नियमावली में वही पदनाम चला आ था। 

पूर्व की नियमावली में ग्राम विकास अधिकारी की शैक्षिक अर्हता विज्ञान या कृषि के साथ इंटरमीडिएट परीक्षा निर्धारित थी। अब सरकार ने इसके स्थान पर लाई गई नई नियमावली में इंटरमीडिएट परीक्षा या उसके समकक्ष सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई परीक्षा उत्तीर्ण करने की शैक्षिक अर्हता इस पद के लिए निर्धारित की गई है। नई सेवा नियमावली में ग्राम विकास अधिकारी के लिए कंप्यूटर संचालन में नीलेट द्वारा प्रदत्त सीसीसी प्रमाणपत्र की व्यवस्था है।

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