
हाथरस -सिकंद्राराऊ कस्बा में क्षेत्रीय सहकारी समिति लि पर हो रहा किसानों का आर्थिक शोषण
हाथरस के सिकंद्राराऊ कस्बा के कासगंज रोड़ पर स्थित मंगलवार को किसानों को यूरिया खाद वितरण के दौरान क्षेत्रीय सहकारी समिति लि के प्रभारी की मनमानी भरी कारण प्रणाली के तहत किसानों को आर्थिक शोषण झेलने के लिए मजबूर होना पड रहा है।केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा किसानों के लिए तमाम जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है।तो दूसरी तरफ अधीनस्थ जिम्मेदारों के द्वारा मनमानी कार्य प्रणाली के तहत जिम्मेदार सह कर्मियो की मिलीभगत से किसानों का आर्थिक शोषण करने में लगे हुए है सिकंद्राराऊ के कासगंज रोड़ पर स्थित क्षेत्रीय सहकारी समिति लि पर खरीफ के सीजन की मुख्य फसल धान की उत्पन्ना पैदावार करने के लिए किसान यूरिया खाद लेने के लिए पहुंचे।सुबह से ही सहकारी समिति के बाहर कस्बा व आसपास के देहात क्षेत्र के ग्रामीण किसानों की काफी भीडभाड दिखाई दी।क्षेत्रीय सहकारी समिति लि पर प्रभारी के द्वारा यूरिया खाद पर सरकारी न्यूनतम धनराशि दो सौ छियासठ के बजाए नौ रूपए की अतिरिक्त बसूली कर दो सौ पिच्चहत्तर रूपए में दिया जा रहा था।यूरिया के खाद के बोरा के साथ अन्य उर्वरक दिए जाने के साथ ही पोटाश50किलो एम आर पी रेट पर कर रहे वितरण।किसानों के द्वारा जब केन्द्र प्रभारी से अवैध बसूली किए जाने का विरोध किया जाने लगा तोक्षेत्रीय सहकारी समिति लि के प्रभारी ने किसानो से साफ कह दिया कि उन्हे विभाग से पल्लेदार नही मिल रहे है।वह तो प्राइवेट पल्लेदारों से यूरिया खाद उतरवा व चढवा रहे हैइस संबंध क्षेत्रीय सहकारी समिति लि के प्रभारी चंद्रवीर सिंह ने फोन पर हुई वार्ता के दौरान बताया कि वह यूरिया खाद को दो सौ बहत्तर रूपए में वितरित कर रहे है।वह यूरिया खाद के साथ उर्वरक देने के लिए बाध्य नही कर रहे है।उन्हे विभाग से कोई पल्लेदार नही मिल रहे है।इसीलिए वह यूरिया वितरण कराए जाने के लिए प्राइवेट पल्लेदारी कराए जाने के लिए दो मजदूरो को पल्लेदारी देने के लिए अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे है।
हाथरस से विवेक वाष्णेय की रिपोर्ट
