रिपोर्ट-हिमांशु राज
एम.डी. न्यूज़ छत्तीसगढ़ वाइस ब्यूरो चीफ अंबिकापुर जिला सरगुजा छत्तीसगढ़
सरगुजा/छत्तीसगढ़।एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित।संविलियन सहित 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने आज से अनिश्चित कालीन आंदोलन छेड़ दिया।हड़ताल के दूसरे दिन शहरी स्वास्थ्य केंद्र नवापारा ,नवागढ़, सहित ग्रामीण क्षेत्रो के शासकीय चिकित्सालय में कर्मचारियों को कमी के चलते स्वास्थ्य सुविधा प्रभावित हुई।
संस्थागत प्रसव के अलावा मौसमी बीमारी के भरती के उपचार में भी कमी आने से संबंधित मरिज परेशान रहे। आज मंगलवार को चिकित्सालय में मरीजों की भीड़ रही मगर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारीयो के हड़ताल पर चले जाने के चलते मरीजों की परेशानी कई गुना बढ गई। जिसके चलते मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ा। इसके बावजूद लगभग 50 से 60 फ़ीसदी कामकाज प्रभावित हुआ ।

संभाग मुख्यालय अंबिकापुर का कलेक्ट्रेट एसबीआई ब्रांच मार्ग में धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए शोषण का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने कहा कि उनके द्वारा 10 मांगो को लेकर पूर्व में शासन को 150 बार से अधिक बार ज्ञापन देकर 15 अगस्त तक मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। मगर शासन के द्वारा इसओर कोई रुचि नहीं लिए जाने से कर्मचारियों ने सोमवार से घोषित कार्यक्रम के तहत बेमुद्दत हड़ताल शुरू किया कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है तब तक हड़ताल जारी रहेगा। सरगुजा में एनएचएम कर्मचारियों की संख्या 630 है ।कर्मचारीयो का कहना है कि मणिपुर राज्य मे कर्मचारियों को नियमित किया गया है।
मध्य प्रदेश समान काम समान वेतन पे स्केल एवं अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य लाभ प्रदान किया जा रहा है मगर छत्तीसगढ़ में 20 साल बाद भी एनएचएम कर्मचारियों की सामाजिक आर्थिक सुरक्षा अधर में है। सरकार और प्रशासन कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है जबकि पूर्व में शासन डेढ़ लाख चिकित्सकों का समविलियन करने के साथ नौकरी की सुरक्षा प्रदान की गई थी। मगर एनएचएम कर्मचारियों आज भी शोषित हो रहे हैं। यह है प्रमुख मांगे —–संविलियन ,स्थाईकरण, पब्लिक हेल्थ केडर की स्थापना ,ग्रेड पे का निर्धारण ,कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता, लंबित 27% वेतन वृद्धि, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण ,अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल व अन्य में अवकाश की सुविधा, स्थानांतरण नीति, न्यूनतम 10 लाख का कैशलेस चिकित्सा बीमा की सुविधा दिए जाने की मांग शामिल है ।
