
सीतापुर। खाद एवं रसद विभाग की लापरवाही और मिलीभगत का बड़ा खुलासा हुआ है। जिले में राशन वितरण प्रणाली की जांच के बाद सामने आया कि लगभग चार लाख पैंतालिस हजार राशन कार्डधारकों ने केवाईसी नहीं कराई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए इन सभी कार्डों को सस्पेंड कर दिया गया है।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि करीब बयालिस हजार मृतक लोगों के नाम से अब तक राशन उठाया जा रहा था, जबकि कई कार्डधारक विदेशों में रह रहे हैं। इसके बावजूद कोटेदार और विभागीय मिलीभगत से राशन जारी होता रहा।
खास बात यह है कि खाद एवं रसद विभाग इस पूरे घोटाले पर अब तक मौन साधे रहा, जबकि गोरखधंधा वर्षों से चल रहा था। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही जिला पूर्ति अधिकारी सीतापुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्ड निलंबित किए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खेल में विभागीय अधिकारियों और कोटेदारों की मिली भगत साफ दिखाई देती है।मृतकों,प्रवासियों और फर्जी लाभार्थियों के नाम से करोड़ों रुपये का खाद्यान्न हजम किया गया।
अब सवाल यह है कि कार्ड सस्पेंड करने के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी? और वर्षों से हो रहे इस घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा?
रिपोर्ट अर्पित कुमार त्रिवेदी
