चंद्रा ग्रीन अपार्टमेंट, वाराणसी में बिल्डर द्वारा किए गए गंभीर नियम उल्लंघनों, मूलभूत सुविधाओं की कमी एवं जनसुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के संबंध में जांच एवं विधिक कार्यवाही हेतु दिया ज्ञापन।

वाराणसी हम नीचे हस्ताक्षरकर्ता चंद्रा ग्रीन अपार्टमेंट, वाराणसी के स्थायी निवासी हैं। यह अपार्टमेंट एक बहु-मंजिला आवासीय परियोजना है, जिसमें सैकड़ों परिवार निवास कर रहे हैं। अत्यंत खेद के साथ निवेदन करना पड़ रहा है कि संबंधित बिल्डर ‌द्वारा जानबूझकर नियमों की अनदेखी करते हुए न तो वैधानिक स्वीकृतियां पूर्ण कराई गई हैं और न ही निवासियों को अनिवार्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे जनजीवन एवं सुरक्षा पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
यह अत्यंत गंभीर विषय है कि चंद्रा ग्रीन अपार्टमेंट को आज तक वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) से Completion Certificate/Occupancy Certificate प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि फ्लैटों का विक्रय एवं आवासीय उपयोग वर्षों से किया जा रहा है, जो नगर नियोजन अधिनियम एवं अवन उपविधियों का स्पष्ट उल्लंघन है। 2. अपार्टमेंट परिसर में फायर सेफ्टी, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास मार्ग जैसी अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जो राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) एवं फायर सेफ्टी नियमों के विरुद्ध है। किसी भी आपाल स्थिति में भारी जनहानि की आशंका बनी रहती है।
परिसर में जांतरिक सड़कें, फुटपाथ एवं नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे वर्ग के समय जनमराय, कीचड़ एवं दुर्घटनाओं की स्थिति उत्पन्न होती है।
स्ट्रीट लाइट की पूर्ण व्यवस्था न होने के कारण रात्रि में अंधकार बना रहता है, जिससे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों एवं अपराध की संभावना बढ़ जाती है।
अपार्टमेंट की बाहरी बाउंड्री वॉल सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, जो बच्चों, महिलाओं एवं बुजुगों की सुरक्षा के लिए अत्यंत घातक है।
सीवर एवं मलजल प्रबंधन की स्थिति अत्यंत दयनीय है। आए दिन गंदा पानी बहता रहता है, जिसकी सफाई अपार्टमेंटवासी स्वयं के खर्च पर कराने को विवश हैं। साथ ही सेप्टिक टैंक का आकार अत्यंत छोटा होने से समस्या बार-बार उत्पन्न होती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ रहे हैं।
यह अपार्टमेंट कुल 12 ब्लॉकों में निर्मित है तथा इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 13,896.22 वर्ग मीटर है, इसके बावजूद बिल्डर द्वारा RERA अधिनियम, 2016 के अंतर्गत पंजीकरण जानबूझकर नहीं कराया गया, जो एक दंडनीय अपराध है। साथ ही, निवासियों को कोई भी कॉमन एरिया एवं कॉमन फैसिलिटी प्रदान नहीं की गई है।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई, बल्कि वर्षा जल को अवैध रूप से सीवर लाइन में जोड़ दिया गया है,
जो पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है।
उपरोक्त सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि संबंधित बिल्डर द्वारा योजनाबद्ध रूप से नियमों की अवहेलना की गई है। कई बार मौखिक एवं लिखित अनुरोध के बावजूद आज तक कोई समाधान नहीं किया गया।
अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि
इस परियोजना की प्रशासनिक एवं तकनीकी जांच कराई जाए
दोषी बिल्डर के विरुद्ध RERA, नगर निगम एवं अन्य संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाए, अपार्टमेंट में सभी अनिवार्य नागरिक एवं सुरक्षा सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आदेश दिया जाए। आपकी न्यायोचित एवं त्वरित कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों को राहत प्राप्त होगी।चंद्रा ग्रीन अपार्टमेंट में बिल्डर के 42 फ्लैट आज तक सेल नहीं हुए हैं। इन फ्लैटों को अवैध रूप से किराए पर देकर बिल्डर लगातार मुनाफा कमा रहा है, जबकि न तो प्रोजेक्ट का कम्प्लीशन सर्टिफिकेट लिया गया है और न ही फायर सेफ्टी व अन्य अनिवार्य सुविधाएं पूरी की गई हैं। यह कानून का खुला उल्लंघन है। बिल्डर स्वयं रेंट से लाभ उठा रहा है और फ्लैट मालिकों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर अवैध किराये से हो रही कमाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।”
चंद्राग्रीन के निवासी :- विकास सिंह, गौरव सिंह, विवेक कुमार दुबे, अशोक श्रीवास्तव, अनिल सिंह, छत्रसाल सिंह, राहुल सिंह, विशाल श्रीवास्तव, अजीत सिंह, संदीप यादव उपस्थित रहे।

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