
भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा निरस्त किया जाना बेरोजगार मजदूरों के अधिकारों पर प्रहार,सतनाम सिंह
हाउस अरेस्ट नेता ने पुलिस कस्टडी में अपने घर पर किया प्रतीकात्मक उपवास।
वाराणसी। कांग्रेस कमेटी के महानगर उपाध्यक्ष हाउस अरेस्ट नेता सरदार सतनाम सिंह ने अपने निवास से जारी बयान में कहा है कि न्याय योद्धा राहुल गांधी के नेतृत्व में मनरेगा बचाओ संग्राम को कुचलने के लिए सरकार ने कांग्रेस के सभी नेताओं को आज हाउस अरेस्ट कर लिया है, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा सरकार लोकतंत्र को पूरी तरह से खत्म करने पर आमादा है। उन्होंने कहा सरकार के दमन चक्र के बावजूद आज अपने निवास पर ही पुलिस कस्टडी में प्रतीकात्मक उपवास किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों की रीढ़ है जिससे उन्हें रोजगार मिलता है,पलायन पर रोक लगता है तथा महिलाओं, दलितों, वंचित और आदिवासियों को आर्थिक संबल प्रदान करता है। भाजपा की सरकार ने मनरेगा के नाम में ही परिवर्तन नहीं किया बल्कि नियम में भी बदलाव कर दिया है जो मजदूरों, बेरोजगारों, दलितों और वंचितों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण आजीविका की जीवनरेखा है, जिसने करोड़ों परिवारों को रोजगार के साथ समाज में सम्मान दिलाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि नाम परिवर्तन के बहाने सरकार ग्राम सभा और पंचायतों की शक्ति को कम करने का षड्यंत्र रचा रही है। उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था लागू होने से विकास की प्रक्रिया बाधित होगी. इससे न केवल पंचायतों के चयन में भेदभाव बढ़ेगा, बल्कि फंड का वितरण भी चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रह जायेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी नीति को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। और आंदोलन जारी रहेगा।
