
वंदे मातरम के 150 साल के उपलक्ष्य में भाषण प्रतियोगिता।
वाराणसी केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ, वाराणसी (CIHTS) में वंदे मातरम के 150 साल का पूरे होने पर उत्सव समारोह आज से शुरू हुआ जो 20-26 जनवरी 2026 तक चलेगा।भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार आज 20 जनवरी 2026 को संभोट भवन में एक भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसके बाद वंदे मातरम की ऐतिहासिक विरासत और समकालीन प्रासंगिकता पर संक्षिप्त चर्चा हुई। समारोह की नोडल अधिकारी डॉ. दीप्ति अग्रवाल ने रजिस्ट्रार डॉ. सुनीता चंद्र को सम्मानित किया। अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव डॉ सुनीता चंद्रा ने कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, एकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरणा दी और आज भी हमें आत्मनिर्भर व विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए एकजुट रहने और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प लेने का संदेश देता है।इस प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ. उरगेन , डॉ. अनुराग त्रिपाठी और डॉ. जसमीत गिल रहे।छात्रों ने अंग्रेजी और हिंदी में आत्मविश्वास से भरे और विचारपूर्ण भाषण दिए, जिसमें राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक स्मृति और सामूहिक पहचान पर बात की गई। कार्यक्रम का समापन रजिस्ट्रार और निर्णायकों के प्रेरणादायक भाषणों के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ अभिजीत गुप्ता, डॉ किशन शुक्ला, डॉ अपारुपा बनर्जी, डॉ जम्पा थुपतेन, डॉ नामगांग, डॉ अनिल गुप्ता सहित अन्य कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
