बाराबंकी कार्यक्रम का उद्देश्य आर्द्रभूमियों (वेटलैंड) के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना एवं जैव विविधता के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
इस अवसर पर सलारपुर झील के आसपास के ग्राम :- खजुहा,सलारपुर, मुनियापुरवा,ताजपुर सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों एवं बड़ी संख्या में सलारपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। बच्चों एवं ग्रामीणों ने झील पर पक्षियों को नजदीक से देखा और उनके बारे में जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री मयंक सिंह के द्वारा बच्चों को झील में उपस्थित विभिन्न पक्षियों जैसे सारस,बगुला,फ़ूदक्की,सीपर,तालबुढ़की, टिटिहरी एवं बाइबल बगुला के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ये पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा झील एवं वेटलैंड के स्वास्थ्य के सूचक होते हैं। इनके संरक्षण से जैव विविधता को सुरक्षित रखने में सहायता मिलती है।
वन अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी से उपस्थित बच्चे एवं ग्रामीण काफी उत्साहित नजर आए और प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक हुए।
इस कार्यक्रम में रामनगर रेंज के वन दरोगा ओ पी यादव, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री प्रशांत कुमार,मनोज कुमार वन दरोगा,सुभाष श्रीवास्तव वन दरोगा सहित ग्राम प्रधान श्रीमती सुमन सिंह,श्री शान बहादुर सिंह,श्री दीप सिंह मीडिया प्रभारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से वन विभाग द्वारा यह संदेश दिया गया कि वेटलैंड और उसमें निवास करने वाले पक्षियों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मंडल ब्यूरो चीफ अयोध्या तेज बहादुर शर्मा।
