एम डी न्यूज़ धीरेन्द्र वर्मा की रिपोर्ट
जनपद के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत काशीराम कॉलोनी में मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने के प्रयास का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई न करते हुए पीड़ित पक्ष को ही हिरासत में लिया, जबकि नामजद आरोपियों को खुली छूट दे दी गई। इससे कॉलोनी में दहशत और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
पीड़िता रामदुलारी पत्नी नरेश, निवासी 1/15 काशीराम कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, थाना कोतवाली नगर, जनपद बाराबंकी ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता के अनुसार, दिनांक 01 फरवरी 2026 को लगभग दोपहर 3 बजे जब वह अपने घर पहुंचीं, तो कॉलोनी के ही निवासी निहाल पुत्र गुड्डू, मुनीर, कलीम, अलीम, नेहा, रीना और रन्नो पत्नी गुड्डू उनके पुत्र अजय के साथ गाली-गलौज व मारपीट कर रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़िता को धक्का देकर गिरा दिया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कॉलोनी से बाहर निकालने की धमकी दी।
इसी दौरान बचाव में आई पीड़िता की नातिन के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। आरोप है कि निहाल और मुनीर अपने घर से लाठी-डंडा और बांका लेकर आए। निहाल ने बांके से अजय पर जानलेवा हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। वहीं मुनीर ने लाठी से रामदुलारी के सिर पर वार किया, जिससे उनका सिर फट गया और वह भी मौके पर बेहोश हो गईं।
घटना के बाद पीड़िता अपने पुत्र और नातिन के साथ थाना कोतवाली नगर पहुंचीं, जहां पुलिस द्वारा चिकित्सीय परीक्षण तो कराया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही आरोपियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई की गई।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं और पूर्व में आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। वर्तमान में आरोपी पक्ष खुलेआम धमकी दे रहा है, जिससे पीड़ित परिवार भय और मानसिक तनाव में जीने को मजबूर है।
इसके अतिरिक्त पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कॉलोनी में आरोपी पक्ष की एक महिला द्वारा घर में बैठकर जुआ खिलाने और नशे से जुड़ी गतिविधियां कराई जाती हैं, जिसकी शिकायतें पूर्व में भी की गईं, लेकिन पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए, तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और कॉलोनी में कानून का भय स्थापित हो।
इस मामले ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा या दबंगों को संरक्षण मिलता रहेगा। रिपोर्ट धीरेंद्र वर्मा

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