रिपोर्ट- ओम प्रकाश साहू। बाराबंकी।

बाराबंकी- मामला बाराबंकी जनपद के त्रिवेदीगंज ब्लॉक का है। बता दें की ग्राम प्रधान मायापति चौधरी और अपने द्वारा पोषित जालसाज आजाद साहू और ग्राम सचिव प्रफुल्ल वर्मा की मिलीभगत से जनहित की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ खुद उठा रहे हैं। ऐसी हरकतों की वजह से ग्रामीणों को अपूर्णीय क्षति हो रही है। ग्राम प्रधान मायापति चौधरी और करीबी आजाद साहू द्वारा ग्रामीणों को जन कल्याणकारी योजनाओं से वंचित किया जा रहा है। जब ग्रामीणों द्वारा अपने हक की आवाज उठाई जाती है तो इनके द्वारा अभद्रता की जाती है। कहीं न कहीं प्रशासन के लिए यह गंभीर विषय है, की उनके आंखों तलें ऐसे घिनौने कृत्य किये जा रहे हैं। ऐसे कई मामलों में इन पर गंभीर आरोप लग चुके हैं, इसके बावजूद हौसलें बुलंद हैं। सबसे अहम भूमिका इसमें प्रशासन निभा रहा है, क्योंकि इनके हर घोटाले के पिछे कहीं न कहीं प्रशासन के अंदरखाने तार जुड़े हुए हैं। इससे कहीं न कहीं प्रधान और पोषित जालसाजो द्वारा करप्शन करना आसान हो जाता है। ऐसे मामलों में प्रशासन की छवि पर भी सवाल है कि गरीबों की हक की लड़ाई लड़ने वाले कर्मचारी खुद गरीबों की योजनाओं को चाप रहे हैं।
आइये जानते हैं,पूरा मामला विस्तार से !
दरअसल, बिते कुछ दिनों से मकनपुर गांव में ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के बीच घोटालों को लेकर स्थिति जटिल बनी हुई है। क्योंकि मनरेगा योजना के तहत प्रधान द्वारा लगातार लोगो के खातों में फर्जी पैसे ट्रांसफर करवाए जा रहे थे। जब की ग्रामीणों का मानना है की उनके द्वारा मनरेगा में काम नहीं किया जा रहा है, इसके बावजूद झूठी हाजरी रिपोर्ट लगाकर पैसे उनके खातों में भेजे जा रहे हैं, और असल में पेमेंट को प्रधान द्वारा डरा धमकाकर पैसों को चाप लिया जाता है। ये भी आरोप है की जो योजनाएं आम जनता के हित में आती हैं। उन योजनाओं का लाभ प्रधान अपने करीबियों को देते हैं। क्योंकि ग्रामीणो को डर है की प्रधान रसूख दार है, ज्यादा विरोध करने पर हमारे साथ कुछ आप प्रिया घटना घट सकती है। इससे वह कई समाजसेवियो के साथ अपनी आवाज उठा रहे हैं। इसमें प्रमुख रुप से बाराबंकी से हमारा समाज पार्टी के जिला प्रभारी की अहम भूमिका निभा रहे है और मामले को संज्ञान में लेकर त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।ग्रामीण द्वारा लगातार प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। क्योंकि गांव में विकास के नाम पर जिस तरह से लोगो से ढगी की जा रही है, उससे ग्रामीण व्यथित है। क्योंकि जब गांव का मुखिया बड़ी-बड़ी बातें करके लोगों से वोट लेता है तों लोगो को उम्मीद होती है की उनकी समस्याओं का हल होगा। लेकिन यहां पर समस्या हल करने वाला प्रधान ही लोगों के लिए समस्या बन गया है। प्रधान के चरित्र को लेकर लोगों में लगातार रोश व्याप्त है। स्थानीय प्रशासन के मापदंड पर भी सवालिया-निशान है। इस लिए लोग उम्मीद खो चुके हैं, लोग अब जिलाधिकारी बाराबंकी से गुहार लगाकर उच्च स्तरीय जांच कर विधिक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
