राजधानी Lucknow के पॉश इलाके Gautam Buddha Marg स्थित Globe Cafe के पास बीती रात दो गुटों के बीच हुई मारपीट के दौरान एक मीडिया कर्मी को पुलिस द्वारा थाने में बैठाए जाने का मामला सामने आया है।

बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद एक अखबार के वरिष्ठ कर्मचारी का झगड़े से कोई सीधा संबंध नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उन्होंने एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में Uttar Pradesh Police की आपातकालीन सेवा Dial 112 Emergency Service पर कॉल कर घटना की सूचना दी और मौके का वीडियो भी बनाया।
आरोप है कि इसी बात से नाराज़ एक दारोगा ने उन्हें अपनी जीप में बैठाकर थाने ले गया और कई घंटों तक वहीं बैठाए रखा।
पीड़ित मीडिया कर्मी का कहना है कि उन्होंने खुद को देश के एक प्रतिष्ठित अखबार का कर्मचारी बताते हुए अपनी पहचान भी बताई, इसके बावजूद उन्हें थाने में रोके रखा गया। उनका कहना है कि उन्होंने केवल एक नागरिक कर्तव्य निभाते हुए पुलिस को सूचना दी थी।
घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि अगर कोई नागरिक या मीडिया कर्मी किसी घटना की जानकारी पुलिस को देता है, तो उसके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना से “सजग नागरिक” और “मित्र पुलिस” की अवधारणा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
खबर लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एम डी न्यूज़ ब्यूरो लखनऊ मो. शाबान
