एम.डी. न्यूज़, जिला ब्यूरो चीफ, नवीन कृष्ण।
बैद्यनाथ धाम देवघर। पौराणिक कथाओं के अनुसार झारखंड के देवघर में मुख्य आकर्षण बाबा बैद्यनाथ मंदिर है, जो कि भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में एक है, जिसका पूरा नाम “रामेश्वर बाबा बैद्यनाथ मनोकामना द्वादश ज्योतिर्लिंग” है, जिसे रावण द्वारा स्थापित किया गया था, रावण द्वारा स्थापित किए जाने के कारण इसे रावणेश्वर बैद्यनाथ भी कहा जाता है, यह शहर के वीचो-बीच अवस्थित है। मंदिर के कुछ ही दूरी पर शिवगंगा नामक एक पोखर है, जो की पौराणिक कल में रावण द्वारा स्थापित किया गया था। बाबा मंदिर से लगभग 5 कि.मी. उत्तर अवस्थित हरला जोरी नामक एक अत्यंत प्राचीन एवं शिव का मंदिर है, शिव मंदिर से सटे हुए विष्णु जहां “विष्णु का चरण पड़ा था ) का एक मंदिर भी है, पौराणिक कथा के अनुसार और वहां के निवासियों के कथनाअनुसार, जहां हरी ( विष्णु )और हर ( शिव ) का मिलन हुआ था। उसी स्थान को हरला जोड़ी भी कहते हैं। देवघर बाबा भोलेनाथ के नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। सालों भर श्रद्धालु तीर्थ यात्री मनोकामना लिंग के दर्शन – पूजन करने आते रहते हैं, यहां हर साल श्रावण मास में और जगहों कि भांति एक महीने का मन – मोहक मेला लगता है।
देवघर के मुख्य पर्यटक स्थल इस प्रकार है –
बासुकीनाथ धाम – यह देवघर से लगभग 45 कि.मी. की दूरी पर अवस्थित है। जो तीर्थ यात्री बाबा बैद्यनाथ मंदिर दर्शन के लिए आते हैं वह यहां जरूर आते हैं।
त्रिकुट पर्वत और रोपवे – इस पर्वत की ऊंचाई 2,470 फिट है। जहां रोपवे की सवारी और ट्रैकिंग का आनंद लिया जा सकता है, इस पर्वत के ऊपर एक अति प्राचीन झरना भी है।
नंदन पहाड़ – यह छोटी पहाड़ी पर स्थित एक मनोरंजन पार्क है। जहां बच्चों के लिए जॉय राइड, एवं मेंढक ट्रेन, भूत बंगला मछली घर, वोटिंग एवं रेस्टोरेंट की सुविधा है। यहां पहाड़ के ऊपर विभिन्न देवी देवताओं के मंदिर भी अवस्थित है।
नौलखा मंदिर – श्री बालानंद ब्रह्मचारी द्वारा स्थापित लाल एवं संगमरमर पत्थरों से निर्मित सुंदर मंदिर राधा – कृष्ण को समर्पित है।
तपोवन पर्वत -देवघर शहर से तपोवन पर्वत की दूरी 10 कि.मी. है यहां तपोनाथ मंदिर और कई प्राचीन गुफाएं हैं। यहां प्राचीन मान्यताओं के अनुसार ऋषियों ने तपस्या की थी।
सत्संग आश्रम – यह ठाकुर श्री अनुकुल चंद्र द्वारा स्थापित शांत एक आध्यात्मिक केंद्र है।
रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ – किसकी स्थापना 1922 ईस्वी में हुआ था लड़कों का एक प्रमुख आवासीय विद्यालय है, जो विवेकानंद के “मनुष्य निर्माण”के शिक्षा दर्शन पर आधारित है। यह CBSE से संबंधित है और कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा देता है, इसमें चरित्र निर्माण और भारतीय संस्कृति और आधुनिक अकादमीक पर जोड़ दिया जाता है यह एक गुरुकुल परंपरा का विद्यालय है।
रिखिया पीठ ( योग आश्रम ) – यह योग और आध्यात्मिकता के लिए जाना जाता है यहां देश-विदेश से योग सिखने आते हैं।
