रिपोर्ट-धर्मेन्द्र कसौधन/ब्यूरो एमडी न्यूज़
महराजगंज। जनपद की पुलिस ने तकनीकी दक्षता और सक्रियता का एक शानदार उदाहरण पेश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष अभियान के तहत सर्विलांस सेल ने विभिन्न स्थानों से गुम हुए 101 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है।
तकनीक बनी मददगार: CEIR पोर्टल का सफल प्रयोग
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान में सर्विलांस टीम ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों का बखूबी इस्तेमाल किया। टीम ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और IMEI नंबर आधारित ट्रैकिंग के जरिए इन कीमती मोबाइलों को खोज निकाला। तकनीकी सर्विलांस की मदद से मिली इस कामयाबी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा और मजबूत किया है।

चेहरों पर लौटी मुस्कान
गुरुवार को पुलिस कार्यालय में वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल स्वामियों को उनके फोन सुपुर्द किए गए। महीनों पहले खो चुके अपने मोबाइल को वापस पाकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मोबाइल स्वामियों ने महराजगंज पुलिस की कार्यशैली और ईमानदारी की जमकर सराहना की।

सावधानी की अपील: पुलिस अधीक्षक का संदेश
इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक ने सर्विलांस टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा:
”जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता है। मोबाइल चोरी या गुम होने पर लोग घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते तकनीकी कार्रवाई की जा सके।”

इन लापरवाही के कारण सबसे ज्यादा गुम होते हैं फोन
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि मोबाइल गुम होने के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारण रहे हैं:
भीड़भाड़ वाले स्थान: बाजार, मंडियों और बड़े आयोजनों में जेब से मोबाइल गिरना।
सफर के दौरान: ऑटो, बस या टैक्सी में मोबाइल छूट जाना।
वाहन चलाते समय: बाइक चलाते समय ढीली जेब (लोअर या पाजामे) से फोन का फिसलना।
सार्वजनिक स्थल: पार्क में व्यायाम करते समय या धार्मिक स्थलों पर फोन भूल जाना।
समारोह: शादी-बारात में नृत्य के दौरान या बच्चों द्वारा गेम खेलकर कहीं रख देना।
सराहनीय कार्य करने वाली सर्विलांस टीम
इस महत्वपूर्ण सफलता में मुख्य भूमिका निभाने वाली टीम में निम्नलिखित सदस्य शामिल रहे:
सुशील सिंह, शिवानन्द पासवान, राजकुमार राजभर, आलोक पाण्डेय, सुधीर कुमार यादव, सूरज गुप्ता और नीरज कुमार गोंड।
महराजगंज पुलिस की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और सजगता के समन्वय से अपराध नियंत्रण और जनसेवा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।
