
कृष्णानंद वर्मा बाराबंकी एम डी न्यूज़ चैनल की खास रिपोर्ट
बाराबंकी। जनपद बाराबंकी की रामनगर वन रेंज अंतर्गत थाना मसौली क्षेत्र के ग्राम दरवेशपुर में पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचाने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नहर किनारे स्थित यादव की बाग में लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक हरे-भरे आम के पेड़ों को बिना परमिट काट दिए जाने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कटान का कार्य बीती रात से शुरू होकर शाम तक चलता रहा। आरोप है कि कटे हुए पेड़ों के अवशेषों को छिपाने के उद्देश्य से कुछ हिस्सों को मिट्टी से ढंक दिया गया है, जबकि शेष अवशेषों को रात में हटाने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह पूरा मामला वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है। हालांकि इस संबंध में अभी तक विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्षों पुराने आम के पेड़ न केवल पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे, बल्कि आसपास के क्षेत्र में छाया और ऑक्सीजन का भी प्रमुख स्रोत थे। ऐसे समय में जब लगातार बढ़ते तापमान और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ रही है, हरे-भरे पेड़ों की कटान गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल मौके पर टीम भेजकर जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कटान से जुड़े सभी सबूत मिटाए जा सकते हैं, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कटे हुए पेड़ों की वास्तविक संख्या का आकलन कराया जाए, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ वन एवं पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए।
