MD NEWS बहुआयामी समाचार जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख
रिपोर्टर: रोहित जैन (दभेड़ी वाले)
मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)
दिनांक 16 जुलाई 2026 को कस्बा बुढ़ाना में एक गौमाता की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर विवाद सामने आया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर लगभग 12:00 बजे गौमाता का निधन हुआ, जबकि मालिक को इसकी जानकारी शाम लगभग 4:00 से 5:00 बजे के बीच मिली। इस दौरान गौमाता को पहले एक निजी भूमि में दफनाने का प्रयास किया गया। भूमि स्वामी की आपत्ति के बाद गौमाता को वहाँ से हटाया गया।
आरोप है कि बाद में नगर पंचायत के वाहन को वापस बुला लिया गया। इसके बाद रात लगभग 9:30 से 10:00 बजे गौमाता को नगर पंचायत के ठोस अपशिष्ट निस्तारण स्थल (कूड़ा निस्तारण केंद्र) में दफनाया गया।
स्थानीय लोगों के सवाल
यदि नगर पंचायत के पास बंजर एवं सार्वजनिक भूमि उपलब्ध थी, तो गौमाता के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए उसका उपयोग क्यों नहीं किया गया?
गौमाता को कूड़ा निस्तारण स्थल पर दफनाने का निर्णय क्यों लिया गया?
यदि यह सही है कि नगर पंचायत का वाहन वापस बुलाया गया, तो इसके पीछे क्या कारण था?
क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी?
जनभावना
जब पूरे देश में गौमाता को सर्वोच्च सम्मान देने और उन्हें राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की जाती है, तब उनके अंतिम संस्कार को लेकर इस प्रकार के सवाल उठना समाज और प्रशासन—दोनों के लिए चिंतन का विषय है।
MD NEWS की मांग
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदारी तय की जाए।
भविष्य में गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायतों में स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।

