ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से हाथरस न्यायालय का फैसला

हाथरस। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत हाथरस पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के एक मामले में न्यायालय ने पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर 62 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला वर्ष 2023 में थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में हुई हत्या से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई 2023 को मनोज कुमार पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी साथिनी, थाना इगलास, जनपद अलीगढ़ ने कोतवाली नगर में तहरीर दी थी कि उनका भाई संजय निवासी गणेश सिटी, थाना कोतवाली नगर, हाथरस, लाला का नगला गांधी नगर से आते समय दो अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से उस पर फायरिंग कर दी।
घायल संजय को उपचार के लिए जिला अस्पताल हाथरस ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। हालांकि, अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धारा 302 की बढ़ोतरी कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मोनिस कान्त शर्मा, देवेन्द्र ठाकुर उर्फ देवू उर्फ देवकी, गौरव चौधरी, संतोष जाट और रामू उर्फ रामकुमार के नाम प्रकाश में आने की बात कही। पुलिस ने गवाहों के बयान और अन्य संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
पुलिस के मुताबिक, अभियोग की विवेचना गुणवत्ता के साथ पूरी करते हुए 30 अगस्त 2023 को आरोप पत्र संख्या 176/2023 न्यायालय में प्रेषित किया गया। इसके बाद अभियुक्तों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले की लगातार निगरानी की गई। न्यायालय में सुनवाई के दौरान मॉनिटरिंग सेल तथा अभियोजन शाखा द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।
न्यायालय ने सुनाई अलग-अलग धाराओं में सजा
मामले में 11 अगस्त 2026 को माननीय ADJ-06, जनपद हाथरस द्वारा पांचों अभियुक्तों को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
इसके अलावा धारा 148 भादवि के तहत सभी अभियुक्तों को दो वर्ष का कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। धारा 147 भादवि के तहत अभियुक्त संतोष जाट, रामू उर्फ रामकुमार, देवेन्द्र उर्फ देवू उर्फ देवकी और मोनिष कान्त शर्मा को भी दो वर्ष का कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
वहीं, अभियुक्त गौरव चौधरी और मोनिस कान्त शर्मा को धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष का कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड, जबकि धारा 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत पांच वर्ष का कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
अभियुक्त संतोष जाट और देवेन्द्र उर्फ देवू उर्फ देवकी को भी धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष का कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अभियोगों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को न्यायालय से अधिकाधिक सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
रिपोर्टर राजा पाठक
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