रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर

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​फतेहपुर: जिले में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 8 रबीउल अव्वल को शहीदाने कर्बला की याद में अलविदाई (अंतिम) जुलूस अकीदत व एहतराम के साथ निकाला गया। इमामबारगाह हुसैनी, अलीगंज से बरामद हुआ यह जुलूस अपने कदीमी (पारंपरिक) रास्तों से होते हुए अलीगंज स्थित कर्बला पहुँचकर संपन्न हुआ। पूरे रास्ते शिया समुदाय के लोग इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथी 18 बनी अबू तालिब की कुर्बानियों व मुसीबतों को याद कर शोक में डूबे रहे।
​जुलूस से पूर्व बारगाहे हुसैनी में मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना अमजद हुसैन रिज़वी ने तकरीर पेश की। जुलूस के दौरान मौलाना सै० मो० दानिश नकवी (इमामे जुमा) और मौलाना सै० मो० आबिद रिज़वी ने भावुक तकरीरें कीं, जिन्हें सुनकर अकीदतमंदों और भारी संख्या में मौजूद महिलाओं व बच्चों की आँखें नम हो गईं।
​प्रमुख आकर्षण व व्यवस्थाएं:
​मातम व नौहाख्वानी: अंजुमने जारिया, अंजुमने अब्बासिया और अंजुमने सक्काये हरम ने नौहाख्वानी व सीनाज़नी का नज़राना पेश किया।
​शबीह व ताबूत: मार्ग में 18 बनी अबू तालिब की शबीहे ताबूत, अलम और जुल्जनाह बरामद हुए।
​पारंपरिक मार्ग: जुलूस स्व० ज़फर हुसैन, रफत हुसैन, नकी रजा, रजा हुसैन और स्व० खुर्शीद असगर के घरों के सामने से गुजरा।
​अंजुमने जारिया द्वारा जुलूस के तमाम इंतजाम संभाले गए। इसमें शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए अज़ादारों ने हिस्सा लिया। जुलूस के सकुशल समापन पर अंजुमने जारिया के सदर श्री मेहदी हुसैन जैदी ने प्रशासन के सहयोग के लिए शिया समुदाय की ओर से आभार व्यक्त किया।

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By MD News

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