Month: October 2022

हर सीट पर भाजपा की होगी जीत,बीजेपी कार्यालय में बैठक में बोले जिला अध्यक्ष

हरदोई। निकाय चुनाव को लेकर भाजपा की बैठक पार्टी कार्यालय पर हुई। जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने कहा कि पार्टी ने सभी नगर पालिका, नगर पंचायतों में संयोजक व प्रभारी नियुक्त…

मां दुर्गा की पूजाकर मांगी सुख-शांति, कराया गया कन्या भोज

हरदोई।…… घरों और मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजन कर सुख-शांति की कामना की। मंदिरों में पूरे दिन मां के जयकारे लगते रहे।मां श्रवण देवी मंदिर, आर्यकन्या पाठशाला रोड स्थित मां…

यूपी:प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव 2022 नवंबर-दिसम्बर में होगा,विभाग जुटा तैयारियों में…

राज्य ब्यूरो/लखनऊ:प्रदेश में अबकी बार नगरीय निकाय चुनाव नवंबर-दिसंबर में होंगे। पांच वर्ष पहले 2017 के अक्टूबर-नवंबर माह में चुनाव कराए गए थे। राज्य सरकार (State Government) द्वारा हाल ही…

मतदाता सूचियों को नए सिरे से तैयार कराने के लिए दिशा निर्देश

बिसौली : खंड स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर एसडीएम ज्योति शर्मा ने अधिकारियों की बैठक में मतदाता सूचियों को नए सिरे से तैयार कराने के लिए दिशा निर्देश दिए। सुश्री…

अनियंत्रित कार ने कोचिंग पढ़ने जा रहे दो छात्रों को रौंदा,छात्र गंभीर रूप से घायल

बिसौली : अनियंत्रित कार ने कोचिंग पढ़ने जा रहे साईकिल सवार दो छात्रों को रौंद दिया । हादसे में दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। कार चालक भी…

#आवश्यक सूचना भारत की प्रतिष्ठित संस्था बहुआयामी शिक्षा तकनीकी अनुसंधान ऑर्गनाइजेशन के समस्त उत्तर प्रदेश पदाधिकारियों स्टेट बॉडी को सूचित किया जाता है की गांधी जयंती के अवसर पर

भारत की प्रतिष्ठित संस्था बहुआयामी शिक्षा तकनीकी अनुसंधान ऑर्गनाइजेशन के समस्त उत्तर प्रदेश पदाधिकारियों स्टेट बॉडी को सूचित किया जाता है की गांधी जयंती के अवसर पर2 अक्टूबर रात्रि 9:00…

#बहु_आयाम वादियों के बहुआयामी विचारधारा जन जन तक

#बहुआयामवादियों की बहुआयामी विचारधारा जन जन तक #गांधी_जयंती विशेष #बहुआयामी_राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारियों के द्वारा मनाई गई गांधी जयंती लखनऊ हजरतगंज

UGC:एक साथ दो डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई कर सकेंगे छात्र…

एमडी ब्यूरो:शैक्षणिक सत्र 2022-23 से छात्र एक साथ दो डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई कर सकेंगे। यूजीसी काउंसिल बैठक में दो डिग्री प्रोग्राम, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस, पीएचडी व विदेशी छात्रों के…

बहुआयामी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री के एम आमिष द्वारा की गई ऑनलाइन मीटिंग

लखनऊ……आपको बताते चलें बहुआयामी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के एम आमिष द्वारा आज दिनांक 2 अक्टूबर सन 2022 गूगल मीट के जरिए रात्रि 9:00 से 10:00 के मध्य मीटिंग…

एचटी लाइन का तार टूटा, चपेट में आने से दूधिया झुलसा

हरदोई……..सांडी। थाना क्षेत्र में कटरा-बिल्हौर मार्ग पर चौधरियापुर के पास एचटी लाइन का तार टूटकर सड़क किनारे गिर गया। इसकी चपेट में आने से दुधिया गंभीर रूप से झुलस गया।…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!