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लोकेशन रामपुर ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान की रिपोर्ट

रामपुर। पटवाई से जोलपुर जाने वाले मार्ग पर पुल निर्माण का कार्य प्रशासनिक ढुलमुल रवैए की भेंट चढ़ गया है। शहर विधायक आकाश सक्सेना द्वारा करीब छह महीने पहले बड़े जोर-शोर से इस रोड के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया था। लेकिन आधे साल का समय बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे क्षेत्र के करीब 50 गांवों की आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर जनसमस्या को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता रामबहादुर ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। ज्ञात हो कि करीब छह महीने पूर्व रामबहादुर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से इस बदहाल सड़क और पुल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद शासन-प्रशासन हरकत में आया और विधायक आकाश सक्सेना ने आनन-फानन में कार्य का शुभारंभ कराया था।
PWD और विद्युत विभाग की आपसी खींचतान में अटका काम
सपा नेता रामबहादुर ने जब आज स्थानीय लोगों और मौके पर काम कर रही लेबर (मजदूरों) से बातचीत की, तो बेहद चौंकाने वाला कारण सामने आया। पता चला है कि पुल के ऊपर से 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की लाइन गुजर रही है। जब तक यह लाइन वहां से नहीं हटाई जाती, तब तक आगे का निर्माण कार्य होना मुमकिन नहीं है।
इस लाइन को शिफ्ट करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने विद्युत विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की है। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी दोनों विभागों के बीच कागजी कार्रवाई का खेल खत्म नहीं हो रहा है और धरातल पर कोई प्रगति नहीं दिख रही है।
सरकारी सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
दोनों विभागों की इस सुस्ती और लापरवाही पर समाजवादी नेता रामबहादुर ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने PWD और विद्युत विभाग के कार्य सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा:
”जनता की सहूलियत के लिए किए जाने वाले विकास कार्यों को सरकारी फाइलें दबाए बैठी हैं। महज एक NOC के चक्कर में 6 महीने से काम ठप पड़ा है। नेताओं को सिर्फ उद्घाटन की जल्दी रहती है, लेकिन उसके बाद काम पूरा हो रहा है या नहीं, इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।”
50 गांवों की जनता भुगत रही है खामियाजा
इस मार्ग और पुल के न बनने से आस-पास के लगभग 50 गांवों के ग्रामीणों को रोजाना नरकीय हालातों से गुजरना पड़ रहा है। राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यह सफर हादसों को दावत देने जैसा हो गया है। स्थानीय लोगों में भी इस लेटलतीफी को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों की मांग है कि बिजली विभाग तत्काल लाइन हटाने की प्रक्रिया पूरी करे ताकि पीडब्ल्यूडी जल्द से जल्द पुल का निर्माण कार्य पूरा करा सके।
