Month: June 2024

टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज लॉंच॥

टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज लॉंच॥ रोहित सेठ टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज में वाराणसी को विश्व के तीन शहरों…

शाहजहांपुर जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति/जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक

रिपोर्ट- वीरेश सिंह शाहजहांपुर।विकास भवन सभागार में आयोजित की गई जिसमें जनपद के ऋण-जमा अनुपात पर चर्चा की गई।डीएम ने सभी बैंकर्स को निर्देश दिए कि कम सीडी रैशियो वाले…

लखीमपुर खीरी:चाची-भतीजे के इश्क का दर्दनाक अंत,गूलर के पेड़ पर फंदे से लटकता मिला शव।

रिपोर्ट -परवेज आलम लखीमपुर खीरी स्थित धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के तुलसीरामपुरवा गांव निवासी युवक युवती का शव गांव के बाहर गन्ना के खेत में लगे गूलर के पेड़ से लटकता…

हवन यज्ञ व भंडारे के साथ भागवत कथा का हुआ समापन

रिपोर्ट:गुरदीप सिंह फफूँद औरैया। फफूंद क्षेत्र के ग्राम शिबूपुर में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ बुधवार को संपन्न हो गई। कथा के समापन के बाद हवन यज्ञ और भंडारे…

ड्राइवर के नशे की हालत से अनियंत्रित होकर पलटी डीसीएम

रिपोर्ट: परवेज आलम 🔵उचौलिया थाना क्षेत्र के ऐरा प्लांट के सामने अनियंत्रित होकर पलटी डीसीएम और तत्काल सूचना पाकर मौके पर पहुंची जनप्रति वेलफेयर फाउंडेशन की टीम व उचौलिया थाने…

लखीमपुर खीरी में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने संभाली कमान ।

रिपोर्ट- परवेज आलम 🔵आमजन की समस्याओं का निराकरण, जनता की अपेक्षाओं पर खुद को खरा साबित करना प्राथमिकता : डीएम । लखीमपुर खीरी। 2010 बैच की आईएएस लखीमपुर खीरी जिले…

यूपी:प्रदेश में आधार की तर्ज पर सभी किसानों का 01 जुलाई से गांवों में शिविर लगाकर बनाये जाएंगे किसान कार्ड,ये होगा लाभ…

लखनऊ। सूबे में आधार की तर्ज पर ही किसान कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए एक जुलाई से पूरे प्रदेश में किसान रजिस्ट्री की शुरुआत की जा रही है। इसमें किसान…

मारवाड़ी युवा मंच अन्नपूर्णा शाखा द्वारा हुनर की एक नई पहचान मेले का आयोजन ॥

मारवाड़ी युवा मंच अन्नपूर्णा शाखा द्वारा हुनर की एक नई पहचान मेले का आयोजन ॥ रोहित सेठ मारवाड़ी युवा मंच अन्नपूर्णा शाखा द्वारा हुनर की एक नई पहचान मेला हर…

नशा विरोधी पखवाड़ा के अंतर्गत प्राचार्य प्रो. हेमंत पाल के दिशा-निर्देशन में चीफ़ प्रॉक्टर प्रो. सुभाष ने छात्र-छात्राओं को मादक द्रव्यों व नशीली दवाओं से होने वाले दुरुप्रभावों व नुकसान

लखीमपुर-खीरी, नशा विरोधी पखवाड़ा के अंतर्गत प्राचार्य प्रो. हेमंत पाल के दिशा-निर्देशन में चीफ़ प्रॉक्टर प्रो. सुभाष ने छात्र-छात्राओं को मादक द्रव्यों व नशीली दवाओं से होने वाले दुरुप्रभावों व…

ऑल इंडिया पत्रकार एकता एसोसिएशन की मासिक बैठक का हुआ आयोजन।

🔵पत्रकार एकता एसोसिएशन के अध्यक्ष आसिफ रईस की अध्यक्षता मे व संचालन राजा पुष्पक ने किया। रिपोर्ट:आसिफ रईस बिजनौर।दिनाँक 25 जून 2024 को सर सैय्यद मेमोरीयल पब्लिक स्कुल मे ऑल…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!