Month: June 2024

नगर पंचायत काँट की बोर्ड मीटिंग अध्यक्ष के अस्वस्थ होने के कारण की गई स्थगित

रिपोर्ट : वीरेश सिंह शाहजहांपुर/कांट : विधायक से वार्ड सभासदों ने पक्षपात पूर्ण विकास कार्य की शिकायत की अध्यक्ष प्रतिनिधि बोले कोई पक्षपात नहीं महिला सभासद पूरी तरह से नदारद…

भाजपा सरकार द्वारा लगातार पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में ज्ञापन

रिपोर्ट – परवेज आलम लखीमपुर खीरी : आज शुक्रवार को भाजपा सरकार द्वारा लगातार पेपर लीक के खिलाफ प्रदेश व्यापी कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय लखीमपुर खीरी में सैकड़ो कांग्रेस…

सनातन रक्षा दल के जिला अध्यक्ष मनोज राजपूत ने जख्मी बछड़े का करवाया इलाज

रिपोर्ट – परवेज आलम लखीमपुर : आज शुक्रवार को सनातन रक्षा दल के जिला अध्यक्ष मनोज राजपूत ने सूचना दी चिंटू पुरी गौ रक्षक प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष को कि पलिया…

नौबना के कोटेदार का घटतौली करते हुए वीडियो वायरल !!

रिपोर्ट – परवेज आलम निघासन खीरी।निघासन क्षेत्र के नौबना के कोटेदार द्वारा घटतौली करते हुए वीडियो वायरल। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से कांटे के ऊपर…

थाना फूलबेहड़ पुलिस ने 3 वारंटियों को किया गिरफ्तार

रिपोर्ट – नसरुद्दीन अंसारी लखीमपुर : खीरी पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक खीरी के निकट पर्यवेक्षण में संपूर्ण जनपद में अपराध की रोकथाम व…

लखीमपुर खीरी:युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस..

🔵उ प्र शासन, उच्च शिक्षा विभाग एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के दिशानिर्देशों के अनुपालन में दशम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2024 के अवसर युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया गया…

खीरी में उत्साह, उमंग, उल्लास से मना योग दिवस, जिलेभर में हुए कार्यक्रम।

रिपोर्ट:क्राइम ब्यूरो मनोज मिश्रा 🔵दशम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : ठहाकों से गूंजा गगन… योगमय हुआ मंडी परिसर।🔵परिवहन मंत्री ने किया शुभारंभ, अफसरों एवं आमजन संग किया योगाभ्यास।लखीमपुर खीरी 21 जून।…

10वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा योग कर स्वस्थ रहने का दिया संदेश..

रिपोर्ट:फैसल ताहिर 🔵10वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा अधिकारियो/कर्म0गणो के साथ रिजर्व पुलिस लाइन शाहजहाँपुर में योग कर पुलिसकर्मियो…

नाराज एक दर्जन से ज्यादा किसान चढ़े पानी की टंकी पर ।

रिपोर्ट -परवेज आलम लखीमपुर खीरी।नाराज एक दर्जन से ज्यादा किसान चढ़े पानी की टंकी पर, उनका कहना है कि उनकी जमीन का उचित मुआवजा नही मिला, इससे नाराज कई किसान…

ढखेरवा से लापता हुए प्रेमी युगल ने घाघरा नदी में लगाई छलांग, प्रेमी का शव बरामद, प्रेमिका हुई लापता।

रिपोर्ट:नसरुद्दीन अंसारी 🔵ढखेरवा गांव से शारदा नगर स्थित श्री बालाजी मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए बाइक से निकले थे प्रेमी युगल। 🔵युवती पक्ष के लोगों ने किया पीछा तो…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!