Month: November 2024

मकनपुर लाइन मैन अपने आपको अधिकारी बताकर कनेक्शन धारकों से ऐठ रहे मोटी रकम,,

बिल्हौर मकनपुर न्यूज मकनपुर बिजली विभाग की बड़ी ला परवाही आई सामने मकनपुर लाइन मैन अपने आपको अधिकारी बताकर कनेक्शन धारकों से ऐठ रहे मोटी रकम,, कामर्शियल कनेक्शन के नाम…

महंत सियाराम दास कठेरिया बिल्हौर ने दिया ज्ञापन।

बिल्हौर विधानसभा के समस्त क्षेत्रवासियों से करबद्ध अनुरोध है कि आप सभी का अपार साथ और सहयोग मिलने से ही हम आपकी जन समस्यायों को समाधान होने तक – आश्वासन…

हुकूलगंज मेँ लगाया जन चौपाल क्षेत्र वासियों की सुनी समस्याएं-सुनीता सोनी

वाराणसी हुकुलगंज वार्ड में सीवर बिजली के तारों और बिजली से संबंधित कई समस्याएं पानी लग जाना लाइट ना जलना कूड़े का उठान न होना ये वर्षों से चली आ…

डाक्टर अली अहमद इदरीसी को अल्लामा इक़बाल अंतर्राष्ट्रीय और मौलाना अबुल कलlम आज़ाद राष्ट्रीय शैक्षिक सम्मान

डाक्टर अली अहमद इदरीसी को अल्लामा इक़बाल अंतर्राष्ट्रीय और मौलाना अबुल कलlम आज़ाद राष्ट्रीय शैक्षिक सम्मान 9 नवंबर 2024 /10 नवंबर आज विश्व उर्दू दिवस के उपलक्ष में उर्दू विभाग…

ढखेरवा रोड पर स्थित श्याम मंदिर से वापस जा रहे 6 लोगो अर्टिगा गाड़ी ने मारी ठोकर आई लोगों को गंभीर चोटें

रिपोर्ट आकाश मिश्रा *बहुआयामी समाचार* ढखेरवा रोड पर स्थित श्याम मंदिर से वापस जा रहे हैं भक्तों को तेज रफ्तार गाड़ी *UP45X6398* ने मारी ठोकर जिसमें 6 लोगों को आई…

मोहम्मदी खीरी नगर में जल निगम द्वारा मानक विहीन कार्य को लेकर लगभग 23 सभासदो का आज इतने दिनों के बाद फूटा गुस्सा क्षेत्रीय विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह को भाजपा कार्यालय पहुंचकर सौपा 7 सूत्रीय ज्ञापन।

बहु आयामी समाचार संवाददाता मोहम्मदी जिला खीरी मोहम्मद आमिर 11 नवंबर 1 जल निगम ठेकेदार द्वारा मानक के अनुरूप कार्य न करना।2 प्रस्तावित कार्य का कोई भी बोर्ड न लगाया…

प्रभु राम की नगरी अयोध्या के बाद भोले की नगरी काशी में भी छाया मोहम्मदी – खरी का लाल

बहु आयामी समाचार संवाददाता मोहम्मदी जिला खीरी मोहम्मद आमिर 12 नवंबर मोहम्मदी कस्वा के स्व. उमाशंकर शुक्ला जी के पुत्र उत्कर्ष शुक्ला ने छोटी सी उम्र में एक न्यूज चैनल…

प्रेम जाल में फंसाकर रचाया शादी,नगदी व जेवरात लेकर भागी युवती।

प्रेम जाल में फंसाकर रचाया शादी,नगदी व जेवरात लेकर भागी युवती। रिपोर्ट जीत नाग फतेहपुर बाराबंकी। घर से कमाने गए युवक को प्रेम जाल में फंसाकर एक युवती ने पहले…

टेम्पो असंतुलित होकर पलटा कई लोग घायल एम्बुलेंस से इलाज हेतु ले जाया गया अस्पताल

टेम्पो असंतुलित होकर पलटा कई लोग घायल एम्बुलेंस से इलाज हेतु ले जाया गया अस्पताल रिपोर्ट – इन्द्र जीत वर्मा बाराबंकी फतेहपुर चालक द्वारा अचानक टैम्पू मोड देने की वजह…

विद्युत करंट लगने से भैंस बकरी की मौत

विद्युत करंट लगने से भैंस बकरी की मौत संवाददाता अनुपम कुमार की रिपोर्ट सूरतगंज बाराबंकी। सोमवार सुबह ग्यारह हजार वोल्टेज की हाई टेंशन बिजली लाइन पर शॉर्ट सर्किट के चलते…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!